इंदौर में सनसनी: बगीचे से दो मासूमों का अपहरण, पुलिस ने 5 घंटे में आरोपी युवती को पकड़ा…

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गुरुवार शाम घर के पास बगीचे में खेल रहे दो बच्चों का अपहरण कर लिया गया। घटना ग्रेटर तिरुपति नगर (बख्तावरराम नगर) की है।

बड़ी ग्वालटोली निवासी आठ साल के नैतिक पिता सन्नी सोनकर और लालाराम नगर के 11 साल के सम्राट पिता अजयदेव का उस समय अपहरण कर लिया गया।

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दोनों बच्चे दोस्तों के साथ हर दिन की तरह बगीचे में खेलने गए थे। एक अनजान युवती पर बच्चों के अपहरण का शक है।

घटना के बाद रात को नैतिक की मां पूजा के मोबाइल फोन पर पुलिस के सामने ही एक के बाद एक कई फोन कॉल आए। वहीं, पुलिस ने आरोपी युवती को पांच घंटे के अंदर ही गिरफ्तार कर लिया।

15 लाख रुपये की मांग रखी गई

बच्चों को छोड़ने के बदले 15 लाख रुपये की मांग रखी गई। हालांकि रात एक बजते-बजते पुलिस ने आरोपित राधिका को दत्त नगर से गिरफ्तार कर लिया। दोनों बच्चे भी बरामद कर लिए गए।

पुलिस पर भड़क गए थे 

एसीपी तुषारसिंह ने अपहृत बच्चों के परिवार वालों से रुपयों की व्यवस्था करने को कहा। पुलिस के इस रवैये पर मोहल्ले वाले भड़क गए।

पांच घंटे बाद तक पुलिस के हाथ एक सीसीटीवी फुटेज के अलावा कोई ठोस सुराग नहीं लग सका था। अपहरण की घटना गुरुवार शाम करीब 7.40 बजे की है। नैतिक (डुग्गु) और सम्राट जब रात आठ बजे तक घर नहीं पहुंचे तो उनके परिवार ने तलाश शुरू की।

सीसीटीवी कैमरे पुलिस ने लगाया पता

पुलिस को भी खबर दी गई। पुलिस गार्डन के आसपास के सीसीटीवी कैमरे के फुटेज पुलिस ने देखे तो बगीचे से निकलकर दोनों बच्चे एक युवती के साथ जाते दिखे। थोड़ी आगे जाकर युवती ने एक कैब की ओर बच्चों के साथ बैठकर निकल गई।

देर रात तक पुलिस बच्चों की तलाश में की बात कर रही थी। इस बीच रात 11 बजे बाद नैतिक की मां पूजा के मोबाइल फोन पर किसी अनजान युवती ने वाट्सएप काल कर 15 लाख रुपये मांग रखी।

युवती ने कहा कि यदि रुपयों की व्यवस्था नहीं की गई तो बच्चों को बहुत दूर ले जाया जाएगा। बताया जा रहा है कि एक के बाद एक ऐसे दस से ज्यादा फोन आए। सभी अलग-अलग नंबरों से थे।

बच्चों के पिता गन्ने का रस का ठेला लगाते हैं

इसके बाद एसीपी तुषार सिंह ने अपहृत बच्चों के माता-पिता से बात कर कहा कि रुपयों की व्यवस्था करें। पुलिस इसके बाद बच्चों को छुड़ाने में मदद करेगी। रात एक बजे तक यही मशक्कत चलती रही और पुलिस बच्चों के परिवारवालों से रुपयों की व्यवस्था करने के लिए कहती रही। दोनों बच्चे गरीब परिवार से हैं। बच्चों के पिता गन्ने का रस का ठेला लगाते हैं।

पुलिस के रवैये से मोहल्ले वालों में आक्रोश था। नाराज पड़ोसियों ने पुलिस अधिकारियों से कहा भी इतने रुपयों की व्यवस्था गरीब परिवार कैसे करेंगे। पड़ोसी और परिवार वालों ने मिलकर करीब साढ़े सात रुपयों का बंदोबस्त किया। बच्चों की माओं का रो-रोकर बुरा हाल था।

ये है पूरा घटनाक्रम

जानवर के वीडियो दिखाए नैतिक के चाचा राहुल सोनकर के अनुसार नैतिक और सम्राट मोहल्ले के अपने दोस्तों के साथ हर दिन ही बगीचे में खेलने जाते थे। राहुल के अनुसार उनका बेटा ध्रुव भी इन बच्चों के साथ खेलने जाता था।

उसने बताया कि तीन-चार दिनों से हर दिन बगीचे में एक युवती आ रही थी। वह बच्चों से बात भी करने लगी थी। उसने बताया था कि उसके घर पर पिल्ले, कबूतर, सफेद चूहे, खरगोश और बिल्ली जैसे तमाम जानवर है। संभवत: दोनों बच्चों को वह जानवर दिखाने और उनके साथ खेलने का लालच देकर अपने साथ ले गई है।

इसी बीच बच्चों के साथ खेलने वाले दो अन्य बच्चों लक्ष्य व शौर्य ने भी पुलिस को बताया कि अपहरण करने वाली युवती के साथ एक युवक भी लगातार बगीचे में आता था।

उन्होंने बच्चों को मोबाइल फोन में वीडियो दिखाए थे। उसमें वे कुत्ते-बिल्ली व अन्य जानवर दिखा रहे थे। बच्चों से कहते थे कि हमारे साथ चलो तो ये जानवर उन्हें दे देंगे और पिंजरे भी गिफ्ट करेंगे।

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