केरल पुलिस ने आरएसएस कार्यकर्ता आनंदू अजी का यौन उत्पीड़न करने के आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
आनंदू अजी ने पिछले हफ्ते कथित तौर पर आत्महत्या कर ली थी। थम्पनूर पुलिस ने कंजिरापल्ली निवासी निधीश मुरलीधरन के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 377 (अप्राकृतिक यौन शोषण) के तहत मामला दर्ज किया है।
यह मामला कोट्टायम जिले के पोनकुन्नम थाने को सौंप दिया गया है, जहां इस अपराध को अंजाम दिया गया था।
पोनकुन्नम थाने के अधिकारियों ने कहा कि वे जल्द ही दोबारा प्राथमिकी दर्ज करेंगे और जांच शुरू करेंगे। कोट्टायम के थम्पलक्कड़ निवासी सॉफ्टवेयर इंजीनियर अजी 9 अक्टूबर को थम्पनूर के एक लॉज में मृत पाए गए थे।
वह RSS के कार्यकर्ता थे और लंबे समय से इस संगठन से जुड़े थे। इंस्टाग्राम पर साझा किए गए 15 पन्नों के सुसाइड नोट में अजी ने ‘एनएम’ नाम के एक व्यक्ति का ज़िक्र किया और बार-बार यौन शोषण किए जाने का आरोप लगाया है।
RSS ने दावों को संदिग्ध और निराधार बताया
आनंदू अजी ने आरएसएस के शिविरों के दौरान यौन उत्पीड़न का भी आरोप लगाया। आरएसएस ने इन दावों को संदिग्ध और निराधार बताते हुए खारिज कर दिया और अजी की मौत की व्यापक जांच की मांग की।
दूसरी ओर, कर्नाटक के रायचूर जिले में पंचायत विकास अधिकारी (PDO) को RSS के कार्यक्रम में भाग लेने के लिए निलंबित कर दिया गया है।
सिरावर तालुक पंचायत में तैनात अधिकारी को आरएसएस के कार्यक्रम में संगठन की वर्दी पहनकर भाग लेने के बाद निलंबित कर दिया गया।
ग्रामीण विकास और पंचायत राज मंत्री प्रियंक खरगे ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को पत्र लिखा था। आरएसएस के कार्यक्रमों में भाग लेने वाले सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग के तुरंत बाद की गई है।