प्रियंका प्रसाद (ज्योतिष सलाहकार): केवल व्हाट्सएप मेसेज 94064 20131
हर साल अपने पति की सलामती के लिए महिलाएं और अच्छा वर पाने के लिए कुंवारी लड़कियां करवा चौथ का व्रत रखती हैं। करवा चौथ इस बार कई अच्छे संयोग में आ रहा है।
खास बात यह है कि इस बार कृतिका नक्षत्र में करवा चौथ की पूजा होगी। वहीं गुरु मिथुन राशि में है और शुक्रवार का दिन होने की वजह से भी व्रती महिलाओं को गणेश भगवान की विषेश कृपा होगी।
खासतौर पर सुहागिनों के लिए यह करवा चौथ अखंड सौभाग्य देने वाला होगा। पूरे दिन का व्रत कठिन होता है, लेकिन यह रस्म निभाना जरूरी है।
आइए जानते हैं करवा चौथ की सही डेट, मुहूर्त, पूजा विधि व चांद निकलने का समय-
9 या 10 करवा चौथ का व्रत कब रखें?
पंचांग के अनुसार, चतुर्थी तिथि 9 अक्टूबर की रात 10:54 मिनट से शुरू होकर 10 अक्टूबर को शाम 07:38 मिनट तक रहेगा। उदया तिथि में 10 अक्टूबर को करवा चौथ का व्रत रखा जाएगा।
पूजा का शुभ मुहूर्त: शाम 7:05 से शाम 8:55 तक है। कृतिका नक्षत्र में चांद निकलेगा।
करवा चौथ व्रत समय: पंचांग अनुसार, 06:19 ए एम से 08:13 पी एम तक
चांद निकलने का टाइम
10 अक्टूबर को चांद निकलने का समय शाम 08:13 बजे है।
पूजा विधि- करवा चौथ में भगवान शिव, मां गौरी और गणेश जी की पूजा करने का विधान है। करवा चौथ की पूजा में चंद्रोदय के बाद कथा सुनी जाती है। चंद्र देव की पूजा करें व अर्घ्य दें। महिलाएं छलनी में दीपक रख चंद्रमा के दर्शन करने के पश्चात अपने पति का चेहरा देखती है। फिर पति पानी पिलाकर पत्नी का व्रत तोड़ता है।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।