आज कांवड़ यात्रा शुरू हो रही है। यात्रा को देखते हुए दिल्ली यातायात पुलिस ने वाहन चालकों के लिए एडवाइजरी जारी की है।
यमुनापार का अधिकतर क्षेत्र उत्तर प्रदेश की सीमा से जुड़ा हुआ है, यहां यात्रा का अधिक प्रभाव रहता है। ऐसे में पुलिस ने कांवड़ मार्ग पर 15 दिनों के लिए भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया है।
वहीं, हरिद्वार में कांवड़ यात्रा आज विधिवत तौर पर शुरू होगी। 11 अगस्त तक चलने वाली यात्रा के लिए शासन व प्रशासन स्तर पर सभी तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया गया है। कांवड़ यात्रियों के लिए कांवड़ की ऊंचाई तय की गई है।
पैदल कांवड़ की ऊंचाई छह फीट और झांकी की ऊंचाई दस फीट तय की गई है। स्नान घाटों पर सुरक्षा के लिए जल पुलिस की तैनाती रहेगी। सुरक्षा के लिए करीब छह हजार सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई।
कांवड़ यात्रियों के वाहनों की पार्किंग के लिए अलग व्यवस्था की गई है। ट्रैफिक प्लान जारी कर दिया है। हरिद्वार-दिल्ली, हरिद्वार-नजीबाबाद और हरिद्वार-रुड़की हाईवे पर गुरुवार से चार अगस्त तक केवल रात्रि में भारी वाहनों का संचालन होगा, जबकि पांच अगस्त से 11 अगस्त तक भारी वाहन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे।
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे पर कांवड़ वाहनों का प्रवेश भी पूरी तरह बंद रहेगा। जिला प्रशासन ने करीब साढ़े पांच करोड़ कांवड़ यात्रियों के आने का अनुमान लगाया है। पिछले वर्ष 4.52 करोड़ कांवड़ यात्री हरिद्वार आए थे।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने बताया कि कांवड़ मेला क्षेत्र को 18 सुपर जोन, 40 जोन और 141 सेक्टरों में बांटते हुए प्रत्येक सेक्टर पर मजिस्ट्रेट और पुलिस बल की तैनाती की गई है। हर प्रवेश मार्ग पर बैरिकेडिंग की गई है।
सभी पर निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे और ड्रोन की व्यवस्था की गई है। मेला क्षेत्र में करीब 70 हजार वाहनों के लिए पार्किंग तय की गई है।
सीसीआर में बनाए गए कांवड़ कंट्रोल रूम के जरिये सुरक्षा व्यवस्था, सफाई, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और अन्य नागरिक सेवाओं पर 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि कांवड़ यात्रियों की सुविधा के लिए क्यूआर कोड जारी किया गया।