देश के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत ने कहा कि कोर्ट, पुलिस, जेल, फारेंसिक और मेडिको-लीगल सिस्टम का एकीकृत होना न्याय प्रक्रिया को मजबूत करेगा।
जैसे छोटी नदियां मिलकर अमरकंटक से निकलने वाली मां नर्मदा का विशाल स्वरूप बनाती हैं, वैसे ही तकनीकी एकीकरण से न्याय प्रक्रिया में मजबूती आएगी।
आगे कहा कि इसी तरह, अस्पतालों की भांति न्यायपालिका को भी 24 घंटे-सातों दिन की तर्ज पर कार्य करना होगा। न्याय प्रणाली में बिखरे हुए डिजिटल प्रयासों को एक मंच पर लाना (फ्यूजन) समय की मांग है।
वास्तव में डिजिटल तकनीक का उद्देश्य महज कागजों को कम करना नहीं, बल्कि देश के अंतिम छोर पर बैठे आम नागरिक तक त्वरित, पारदर्शी और सुलभ न्याय पहुंचाना है। एकीकृत डिजिटल प्लेटफार्म से मामलों के निपटारे में अभूतपूर्व तेजी आएगी।
सीजेआई शनिवार को जबलपुर में मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के तत्वावधान में फ्रेगमेंटेशन टू फ्यूजन: एम्पावरिंग जस्टिस वाया यूनाइटेड डिजिटल प्लेटफार्म इंटीग्रेशन विषयक पर आयोजित राष्ट्रीय सेमिनार में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे।
सीजेआई ने कहा कि कोरोना के जटिल दौर में जब दुनिया भर की न्यायपालिका का कामकाज ठप था, तब भी भारतीय न्यायपालिका आधुनिक तकनीक का सदुपयोग कर वर्चुअल सुनवाई कर रही थी।