ईरान के साथ बातचीत के दूसरे दौर के लिए सोमवार को अमेरिका की एक उच्च-स्तरीय टीम पाकिस्तान जा रही है। ये टीम राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप की धमकी के बीच पहुंच रही है।
ट्रंप ने कहा है कि अगर तेहरान कोई समझौता नहीं करता है तो वह हर पुल और हर पावर प्लांट को तबाह कर देंगे।
वहीं, ईरान का कहना है कि जब तक अमेरिकी नौसेना होर्मुज की अपनी घेराबंदी नहीं हटा लेती और प्रतिबंध हटाने, उसकी जब्त की गई संपत्तियों को मुक्त करने और युद्ध को हमेशा के लिए खत्म करने जैसी अन्य मांगों पर बातचीत के लिए सहमत नहीं हो जाती, तब तक वह ऐसा नहीं करेगा।
क्या ईरान होगा बातचीत को तैयार?
भले ही ट्रंप ने अमेरिकी टीम के दौरे की घोषणा कर दी, लेकिन ईरान अभी भी पाकिस्तान से यह पता लगाने की कोशिश कर रहा था कि क्या उसकी ‘रेड लाइन्स’ (सीमाओं) का सम्मान किया जाएगा। पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर ने पिछले हफ्ते तेहरान का तीन दिन का दौरा किया था, जो जाहिर तौर पर बेनतीजा रहा था।
दौरे को लेकर अमेरिका में भी दिखी भ्रम की स्थिति
इस मामले में वॉशिंगटन में भी अमेरिकी टीम की बनावट को लेकर भ्रम की स्थिति थी। ट्रंप ने शुरू में कहा था कि उपराष्ट्रपति जेडी वेंस उस टीम का नेतृत्व नहीं करेंगे जिसमें उनके विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और उनके दामाद जेरेड कुशनर शामिल हैं, लेकिन बाद में व्हाइट हाउस ने कहा कि वेंस इस दौरे पर जाएंगे।