जापान की 1300 साल पुरानी परंपरा: मंदिर की चिंगारी से पहाड़ों को जलाया जाता है, रोशनी से शहर जगमगा उठता है…

जापान के नारा शहर में माउंट वाकाकुसायामा की घास वाली पहाड़ी को जलाने की परंपरा है।

इस पहाड़ी को जानबूझकर जलाया जाता है। नारा शहर में यह एक उत्सव की तरह है, जिसे 1300 साल से मनाया जा रहा है।

नारा में हर साल यह उत्सव जनवरी महीने के चौथे शनिवार को मनाया जाता है। इस आयोजन का नाम वाकाकुसा यामायाकी है।

जापान की अनूठी परंपरा

वाकाकुसा यामायाकी उत्सव की सबसे खास बात यह है कि इसमें एक ही दृश्य में तीन घटनाएं एक साथ नजर आती हैं।

इस उत्सव के दौरान जहां आसमान में आतिशबाजी हो रही होती है, तो वहीं नीचे माउंट वाकाकुसायामा की घास वाली पहाड़ी जल रही होती है।

इन दोनों दृश्यों के साथ ही धार्मिक विरासत से जुड़ा मंदिर भी दिखाई देता है।

इस उत्सव की शुरुआत आसमान में आतिशबाजी के साथ होती है। आसमान में रोशनी होने के बाद पहाड़ी पर आग लगाई जाती है।

इसके साथ ही पूरा वाकाकुसायामा लाल-पीली रोशनी में चमक उठता है। इस आग की शुरुआत कासुगा ताइशा से जुड़े पवित्र अग्नि संस्कारों से होती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *