चीन और जापान के बीच बढ़ते क्षेत्रीय तनाव के बीच, चीन की सेना के मुखपत्र ‘PLA डेली’ ने जापान की तेजी से बढ़ते ड्रेन क्षमताओं के बारे में चेतावनी देते हुए पूरे एक पेज पर छापा है।
सोमवार के अंक में छपे चार लेखों में, पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के आधिकारिक अखबार ने तर्क दिया कि जापान ऐसे बिना पायलट वाले सिस्टम विकसित करके फिर से सैन्यीकरण की ओर बढ़ रहा है, जो लंबी दूरी तक सटीक हमले करने, जवाबी हमले करने और अमेरिका के साथ मिलकर संयुक्त आक्रामक मिशन चलाने में सक्षम हैं।
यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब बीजिंग ने जापान की रक्षा नीतियों की आलोचना तेज कर दी है। इन नीतियों में टोक्यो का सैन्य आधुनिकीकरण, अमेरिका और फिलीपींस के साथ मजबूत सुरक्षा संबंध और युद्ध के बाद से चले आ रहे सुरक्षा सिद्धांतों में बदलाव पर बहस शामिल है।
जापान के सैन्य विस्तार से ड्रोन का संबंध
PLA डेली के अनुसार, जापान की 2022 की राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति, राष्ट्रीय रक्षा रणनीति और रक्षा निर्माण कार्यक्रम में बिना पायलट वाली रक्षा क्षमताओं को देश की भविष्य की सैन्य योजना का मुख्य आधार बताया गया है।
अखबार ने कहा कि टोक्यो की योजना 2023 से शुरू होने वाले पांच सालों में बिना पायलट वाले सिस्टम में 1 ट्रिलियन येन का निवेश करने की है। इसमें यह भी कहा गया कि जापान ने इस वित्तीय वर्ष में ड्रोन कार्यक्रमों के लिए 277 बिलियन येन निर्धारित किए हैं, जिसमें उसके ‘सिंक्रोनाइज्ड, हाइब्रिड, इंटीग्रेटेड एंड एन्हांस्ड लिटोरल डिफेंस’ (SHIELD) नेटवर्क के लिए 100 बिलियन येन शामिल हैं।
इस प्रकाशन ने SHIELD कार्यक्रम की तुलना अमेरिकी सेना के ताइवान संकट के लिए प्रस्तावित हेलस्केप कॉन्सेप्ट से की, जिसके तहत दुश्मन के ऑपरेशन को मुश्किल बनाने के लिए बड़ी संख्या में बिना पायलट वाले सिस्टम तेजी से तैनात किए जाएंगे।
लेख में कहा गया है कि जापान जमीन, समुद्र और हवा में ‘लोइटरिंग म्यूनिशन’, हथियारों से लैस टोही ड्रोन और ऑटोनॉमस प्लेटफॉर्म को प्राथमिकता दे रहा है। उन्होंने टोक्यो की उन योजनाओं पर भी प्रकाश डाला जिनके तहत अमेरिका में बने 23 MQ-9B सी-गार्जियन ड्रोन, रोबोटिक डॉग, बिना पायलट वाले सतही जहाज़ और ऑटोनॉमस अंडरवाटर व्हीकल हासिल किए जाएंगे।
साथ ही, क्यूशू, ओकिनावा, इशिगाकी और योनागुनी द्वीपों के साथ-साथ मियाको और ओसुमी जलडमरूमध्य जैसे रणनीतिक जलमार्गों पर ड्रोन की तैनाती बढ़ाई जाएगी।
PLA डेली ने दावा किया कि जापान बिना पायलट वाले कॉम्बैट सिस्टम के जरिए भविष्य के युद्ध-क्षेत्रों में असममित फायदे हासिल करने की कोशिश कर रहा है। साथ ही, चेतावनी दी कि देश अपनी लंबे समय से चली आ रही सिर्फ आत्मरक्षा वाली नीति से आगे बढ़ रहा है।
जापान के सुरक्षा रुख की व्यापक आलोचना
सोमवार को छपी यह रिपोर्ट, जापान की बदलती रक्षा रणनीति को लेकर चीनी अधिकारियों, सैन्य टिप्पणीकारों और सरकारी मीडिया के लगातार तीखे बयानों के बाद आई है।
इस महीने की शुरुआत में, चीन के समुद्री मामलों के विश्लेषक वू शिसुन ने चेतावनी दी थी कि दक्षिण चीन सागर में जापान की बढ़ती सैन्य भूमिका में विनाशकारी क्षमता है, जो आगे चलकर अमेरिका से भी ज्यादा हो सकती है।
उन्होंने इस साल अमेरिका और फिलीपींस के साथ ‘बालिकाटन’ सैन्य अभ्यास में टोक्यो की अभूतपूर्व भागीदारी की ओर इशारा किया, जिसमें जापान द्वारा पहली बार विदेश में ‘टाइप-88 एंटी-शिप मिसाइल’ की लाइव फायरिंग भी शामिल थी।
बीजिंग ने जापान के सुरक्षा नीतियों में बदलाव, रक्षा खर्च बढ़ाने, हथियारों के निर्यात पर पाबंदियां कम करने और मनीला के साथ रक्षा सहयोग को गहरा करने के फैसले की भी आलोचना की है। इसमें सैन्य उपकरणों का प्रस्तावित हस्तांतरण और खुफिया जानकारी साझा करने के समझौते पर बातचीत शामिल है।