राहुल गांधी के सुप्रीम कोर्ट मार्च में जन्नत बिश्नोई की एंट्री, सोशल मीडिया पर छिड़ी चर्चा…

सोमवार को दिल्ली की सड़कों पर विपक्षी दलों के हजारों कार्यकर्ता जुटे थे। इस दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी की अगुवाई में सुप्रीम कोर्ट की तरफ निकाले गए मार्च में कई तस्वीरों और वीडियो में उनके पास एक युवा चेहरा लगातार दिखाई दिया।

राहुल गांधी के साथ एक तरफ प्रियंका गांधी और नेहा बोरा चल रही थीं, वहीं दूसरी तरफ सफेद शर्ट पहनी युवा छात्रा कदम से कदम मिलाकर नारेबाजी करती नजर आईं। इस युवा छात्रा का नाम जन्नत बिश्नोई है।

कौन हैं जन्नत बिश्नोई?

जन्नत बिश्नोई दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) की एग्जीक्यूटिव काउंसलर हैं। वह कांग्रेस की छात्र इकाई नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) की सक्रिय सदस्य हैं। वर्तमान में दिल्ली विश्वविद्यालय के श्यामा प्रसाद मुखर्जी कॉलेज में बीए द्वितीय वर्ष की छात्रा हैं।

मूल रूप से राजस्थान की रहने वाली जन्नत दिल्ली के छात्र आंदोलनों और कैंपस राजनीति में काफी सक्रिय भूमिका निभाती रही हैं। जब प्रदर्शनकारियों की भीड़ बढ़ने पर राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और नेहा बोरा के साथ एक ट्रक पर चढ़े, तो जन्नत भी उसी ट्रक पर उनके साथ मौजूद थीं और लगातार नारे लगा रही थीं।

छात्र राजनीति में रहती है एक्टिव

जन्नत बिश्नोई कॉलेज परिसरों में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर लगातार आवाज उठाती रही हैं। उनकी प्रमुख मांगों में पूरे कैंपस में सीसीटीवी नेटवर्क का विस्तार और पिंक पुलिस बूथों की स्थापना शामिल है।

इसके अलावा, वह पर्यावरण से जुड़े अभियानों में भी शामिल रही हैं, जिसमें राजस्थान वृक्ष संरक्षण विधेयक से जुड़ा अभियान प्रमुख है।

उनके सोशल मीडिया पर कई प्रदर्शनों और NSUI कार्यक्रमों के वीडियो मौजूद हैं। एक वीडियो में वह महिलाओं के एक समूह का नेतृत्व करते हुए पितृसत्ता खत्म करो का बैनर थामे न्याय की मांग करते हुए नारे लगाती दिखती हैं।

यह प्रदर्शन दिल्ली के कालकाजी में एक नाबालिग के साथ हुए दुष्कर्म के बाद महिला सुरक्षा को लेकर दिल्ली-एनसीआर में हुए विरोध प्रदर्शनों का हिस्सा था।

क्या था सुप्रीम कोर्ट मार्च का पूरा मामला?

सोमवार को इंडी गठबंधन के विपक्षी नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ चुनावी गड़बड़ियों और वोट चोरी के आरोपों को लेकर सुप्रीम कोर्ट तक एक बड़ा मार्च निकाला।

जब विपक्षी नेता सड़कों पर आगे बढ़ रहे थे, उसी दौरान उनकी कानूनी टीम ने चुनाव आयोग के खिलाफ अदालत में याचिका दायर की। थोड़ी दूर आगे बढ़ने के बाद दिल्ली पुलिस ने नेताओं को रोक दिया। बाद में राहुल गांधी खुद सुप्रीम कोर्ट पहुंचे, जहां उन्होंने मतदाता सूची के एसआईआर पर अंतरिम रोक लगाने की मांग की।

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