अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के पहुंचने से पहले इजरायल ने गाजा पर हमले तेज कर दिए हैं। इजरायली सेना ने रविवार को गाजा शहर में करीब 30 से ज्यादा ऊँची इमारतों पर ताबड़तोड़ बम बरसाए, जिसमें 32 लोगों की मौत हो गई है।
गाजा सिटी के शिफा अस्पताल के अनुसार, मृतकों में 12 बच्चे भी शामिल हैं। इन हमलों की वजह से हजारों लोगों को पलायन करने पर मजबूर होना पड़ा है।
इजरायली सेना ने इस हमले के कुछ ही घंटों के भीतर गाजा शहर में कई टावरों को खाली करने के आदेश भी जारी किए। फिलिस्तीनी चिकित्सा कर्मचारियों ने यह जानकारी देते हुए कहा कि फलस्तीनियों से गाजा शहर खाली करने की अपील की गई है।
मामले से परिचित एक सूत्र के अनुसार, यह हमला इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू द्वारा बुलाई गई बैठक से पहले हुआ है|
जिसमें इस बात पर चर्चा की जानी है कि जब इजरायली सेना गाजा शहर पर नियंत्रण करने के लिए जमीनी अभियान चलाएगी, तो गाजा में बंधक बनाए गए लोगों को नुकसान पहुंचाने से कैसे बचाया जाए।
इजरायल पहले ही तह चुका है कि वह गाजा शहर पर कब्जा करके रहेगा, जहां लाखों फिलिस्तानी शरण लिए हुए हैं।
IDF ने लगाए निगरानी उपकरण
इसी मकसद से इजरायल ने हाल के दिनों में गाजा शहर में हमले तेज कर दिए हैं, कई ऊंची इमारतों को नष्ट कर दिया है और हमास पर उनमें निगरानी उपकरण लगाने का आरोप लगाया है।
इसने निवासियों को शहर छोड़ने का आदेश दिया है, जो सबसे बड़े फलस्तीनी शहर पर कब्जा करने के उद्देश्य से एक हमले का हिस्सा है।
इजराइल इसे हमास का आखिरी गढ़ कहता है जहां लाखों लोग अब भी अकाल की स्थिति से जूझ रहे हैं।
हमलों के बाद धुएं का गुबार उठता दिखा
स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि रातभर और शनिवार तड़के किए गए हमलों में से एक ने शेख रदवान के पड़ोस में स्थित एक घर को निशाना बनाया, जिसमें एक महिला और उसके तीन बच्चों समेत 10 लोगों के परिवार की मौत हो गई।
तस्वीरों में हमलों के बाद धुएं का गुबार उठता दिखाई दे रहा है। इजराइली सेना ने हमलों के बारे में पूछे गए सवालों का तुरंत जवाब नहीं दिया है।
सहायताकर्मियों के अनुसार, बढ़ती शत्रुता और शहर खाली करने के आह्वान के मद्देनजर, हाल के हफ्तों में शहर छोड़ने वालों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हुई है।
फिलिस्तीनियों से क्षेत्र खाली करने की अपील
हालांकि, कई परिवार परिवहन और आवास संबंधी खर्च के कारण अब भी फंसे हुए हैं, जबकि कई लोग कई बार विस्थापित हो चुके हैं और अब दोबारा नहीं जाना चाहते, क्योंकि उन्हें भरोसा नहीं है कि इस इलाके में उनके लिए कहीं भी कोई सुरक्षित जगह है।
सोशल मीडिया पर शनिवार को एक संदेश में इजराइली सेना ने गाजा शहर में बचे हुए फलस्तीनियों से ‘तुरंत’ वहां से निकलकर दक्षिण की ओर उस क्षेत्र में जाने को कहा जिसे वह मानवीय क्षेत्र कह रही है।
ढाई लाख से ज्यादा लोग गाजा छोड़ चुके
सेना के प्रवक्ता अविचाय अद्राई ने कहा कि ढाई लाख से अधिक लोग गाजा शहर छोड़ चुके हैं।
गाजा में अस्थायी आश्रय स्थापित करने के लिए संयुक्त राष्ट्र की अगुवाई में की गई एक पहल के अनुसार, पिछले सप्ताह तक 86,000 से अधिक टेंट और अन्य सामग्री की आपूर्ति के लिए अब भी गाजा में प्रवेश के लिए मंजूरी का इंतजार था।
गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने शनिवार को कहा कि पिछले 24 घंटे में कुपोषण से संबंधित कारणों से बच्चों सहित सात लोगों की मौत हो गई, जिससे युद्ध शुरू होने के बाद से इस तरह मरने वालों की संख्या बढ़कर 420 हो गई है जिनमें 145 बच्चे शामिल हैं।
गाजा में अब भी बंधक बनाए गए लोगों के परिवार इजरायल से हमले को रोकने की गुहार लगा रहे हैं, उन्हें डर है कि इससे उनके रिश्तेदार मारे जाएंगे। गाजा में अब भी 48 बंधक हैं, जिनमें से लगभग 20 के जीवित होने का अनुमान है।
गाजा में युद्ध तब शुरू हुआ था जब सात अक्टूबर, 2023 को हमास के नेतृत्व वाले उग्रवादियों ने दक्षिणी इजराइल में धावा बोलकर 251 लोगों का अपहरण कर लिया था और लगभग 1,200 लोगों की हत्या कर दी थी। (भाषा इनपुट्स के साथ)