इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय (पीएमओ) ने उन मीडिया रिपोर्टों को पूरी तरह खारिज कर दिया है, जिनमें दावा किया गया था कि इस साल अप्रैल में इस्लामाबाद में हुई अमेरिका-ईरान वार्ता के दौरान इजरायल ईरानी वार्ताकारों को निशाना बनाने की योजना बना रहा था।
पीएमओ ने इंटरनेट मीडिया मंच एक्स पर जारी बयान में कहा कि न्यूयॉर्क टाइम्स की यह रिपोर्ट पूरी तरह झूठी और निराधार है। बयान में कहा गया कि इसका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है।
टाइम्स ऑफ इजरायल के मुताबिक, न्यूयॉर्क टाइम्स ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया था कि ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची और संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकर गलीबाफ को परोक्ष रूप से आगाह किया गया था कि इस्लामाबाद में वार्ता के दौरान उन पर हमला हो सकता है।
रिपोर्ट में वर्तमान और पूर्व अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से कहा गया था कि कुछ अमेरिकी अधिकारियों को आशंका थी कि आठ अप्रैल को युद्धविराम लागू होने के बाद इजरायल दोनों वरिष्ठ ईरानी नेताओं को निशाना बना सकता है। इसी वजह से अमेरिका ने क्षेत्र के कुछ देशों से तेहरान को संभावित खतरे की जानकारी देने को कहा था।
पीएमओ ने रिपोर्ट को झूठा बताया
हालांकि, इजरायली प्रधानमंत्री कार्यालय ने शुक्रवार को इन सभी दावों को सिरे से खारिज कर दिया। वहीं, अल जजीरा ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि इजरायल पर पहले भी क्षेत्रीय संघर्षों के दौरान वार्ता में शामिल पक्षों को निशाना बनाने के आरोप लगते रहे हैं।
रिपोर्ट में सितंबर 2025 की उस घटना का भी उल्लेख किया गया है, जब दोहा (कतर) में हमास के वार्ताकारों की बैठक पर कथित तौर पर इजरायली हमला हुआ था।