अमेरिका और नाइजीरिया के सुरक्षा बलों की संयुक्त कार्रवाई में शुक्रवार रात आतंकी संगठन आइएसआइएस (आइसिस) का उप प्रमुख अबू बिलाल अल-मिनुकी मारा गया। यह जानकारी अमेरिका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप और नाइजीरिया के उनके समकक्ष बोला अहमद तिनुबू ने दी है।
ट्रंप ने शुक्रवार देर रात अपने इंटरनेट मीडिया पोस्ट में कहा, यह आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में सहयोग का अनुपम उदाहरण है।
बताया- उनके निर्देश पर बहादुर अमेरिकी सैनिकों और नाइजीरिया के सुरक्षा बलों ने जटिल कार्रवाई में लड़ाई के मैदान में सबसे ज्यादा सक्रिय रहे आतंकी अबू बिलाल अल-मिनुकी को मार गिराया। इसके कुछ घंटे बाद नाइजीरिया के राष्ट्रपति तिनुबू ने भी मिनुकी के मारे जाने की पुष्टि कर दी।
बताया- अमेरिकी सैनिकों के सहयोग से की गई इस कार्रवाई में मिनुकी और आइसिस के कई उच्च पदस्थ आतंकी मारे गए हैं। इससे पहले राष्ट्रपति ट्रंप ईसाइयों की सुरक्षा में विफल रहने पर नाइजीरिया की कड़ी निंदा कर आतंकियों के खिलाफ सीधी कार्रवाई की चेतावनी दे चुके थे।
नाइजीरिया में 10 सालों में हजारों ईसाई मारे गए
नाइजीरिया में पिछले 10 वर्षों में इस्लामी आतंकियों के हमलों में हजारों ईसाई मारे गए हैं। लेकिन अब ट्रंप ने कार्रवाई में सहयोग के लिए नाइजीरिया सरकार को धन्यवाद दिया है।
नाइजीरिया की सेना ने इंटरनेट मीडिया पोस्ट में बताया है कि आइसिस आतंकियों को बोर्नो प्रांत के मेटेले में घेरा गया। वहां चार घंटे चली कार्रवाई में अमेरिका और नाइजीरिया के सैनिकों ने सटीक हवाई और जमीनी कार्रवाई में मिनुकी और उसके कई सहयोगियों को मार गिराया। मिनुकी नाइजीरियाई नागरिक था।
अमेरिका ने उसे 2023 में वैश्विक आतंकी घोषित किया था। इस क्षेत्र में आतंकी संगठन बोको हराम, आइसिस और आइसिस से अलग हुए गुट के आतंकियों ने पिछले 17 वर्षों में हजारों लोगों को मारा है।
आतंकी हमलों से बचने के लिए क्षेत्र की करीब 20 लाख की आबादी विस्थापित हुई है। नाइजीरिया समेत पश्चिम अफ्रीकी देशों में आइसिस और अल कायदा के आतंकी और उनसे अलग हुए गुट सक्रिय हैं।