एक समय था जब इंटरनेट पर कुछ भी खोजने का मतलब होता था गूगल सर्च बॉक्स में कीवर्ड डालकर सर्च करना और वेबसाइट की लिंक के जरिए अपने काम की चीज को तलाशना। लेकिन आज के इस AI वाले दुनिया में गूगल उस दौर से बहुत आगे निकल चुका है।
कंपनी ने अपने वार्षिक डेवलपर इवेंट Google I/O 2026 में साफ कर दिया है कि अब जोर ‘सर्च’ करने पर नहीं, बल्कि ‘सीधा रेडीमेड जवाब’ देने पर है। Gemini 3.5 Flash मॉडल से लैस नया गूगल अब एक सर्च इंजन नहीं, बल्कि एक पर्सनल AI असिस्टेंट और रिसर्च एजेंट बन चुका है।
दरअसल, गूगल ने लगभग 25 साल बाद अपने सर्च बॉक्स को पूरी तरह बदल दिया है। अब सिर्फ टेक्सट नहीं, फोटो, वीडियो और फाइल को भी गूगल समझेगा। वह आपके सवालों के आधार पर खुद इंटरफेस तैयार करेगा।
पहले और अब में अंतर
उदाहरण के लिए अगर आप गूगल पर ‘best hotels Delhi’ सर्च करते हुए आगे लिखेंगे, “दिल्ली में परिवार के साथ रुकने के लिए ऐसा होटल बताओ जहां बच्चों के लिए एक्टिविटी हो और बजट 8,000 रुपये से कम हो।” इसके बाद Google का AI खुद जवाब तैयार करेगा। पहले ऊपर लिंक दिखता था, लेकिन अब लिंक नहीं AI जवाब सबसे ऊपर होगा। पहले Search में वेबसाइट लिंक मुख्य चीज होते थे। अब AI Overview सबसे ऊपर दिखेगा और लिंक नीचे चले जाएंगे।
चैटबॉट मोड और लगातार काम करने वाले गूगल के ‘AI Agents’
नए गूगल सर्च की सबसे बड़ी खूबी यह है कि यदि यूजर कोई फॉलो-अप (अगला) सवाल पूछता है, तो सर्च इंजन तुरंत एक इंटेलिजेंट चैटबॉट मोड में बदल जाता है। इसके अलावा, गूगल ने “Information Agents” नाम का एक क्रांतिकारी फीचर पेश किया है, जिसके तहत ये एआई एजेंट्स आपके लिए बैकग्राउंड में इंटरनेट पर लगातार नजर रखेंगे।
उदाहरण के लिए- आपके बजट के अंदर फ्लैट ढूंढना, पसंदीदा ब्रांड के स्नीकर्स के लॉन्च को ट्रैक करना या सस्ती फ्लाइट टिकट मॉनिटर करना, ये एजेंट्स सिर्फ एक बार जवाब देकर रुकेंगे नहीं, बल्कि आपके लिए इंटरनेट पर चौबीसों घंटे एक पर्सनल असिस्टेंट की तरह काम करते रहेंगे।
AI खुद बनाएगा Mini Apps
Google का नया Generative UI सिस्टम यूजर के सवाल के हिसाब से ऑन-द-फ्लाई इंटरफेस तैयार करेगा।
उदाहरण
फिटनेस ट्रैकर
शादी प्लानर
मूविंग चेकलिस्ट
ट्रैवल प्लानर
ये छोटे-छोटे ऐप्स Google Search के अंदर ही बन जाएंगे, बिना किसी कोडिंग के।
Search यहां तक कैसे पहुंचा?
2024, AI Overviews की शुरुआत Google ने पहली बार AI Summary फीचर शुरू किया था। लेकिन शुरुआत में इसके रिजल्ट अच्छे नहीं रहें। कई गलत तारीखें और तथ्य बताए। इसके बाद Google ने सिस्टम सुधारा और लगातार अपडेट करता रहा। इसके बाद 2025 में AI Mode लॉन्च हुआ। इसके आने से यूजर लंबा सवाल पूछते और AI कई स्रोतों से जानकारी जोड़कर जवाब देता।
Google के मुताबिक, AI Mode के 1 अरब मासिक यूजर हैं। AI Overviews 2.5 अरब यूजर तक पहुंच चुका है। गूगल का दावा है कि AI से Search कम नहीं, ज्यादा होगा।
सबसे बड़ा नुकसान वेबसाइट्स और मीडिया इंडस्ट्री को
AI Overviews आने के बाद वेबसाइट ट्रैफिक तेजी से गिरा। कई मीडिया प्लेटफॉर्म्स को भारी नुकसान हुआ। क्योंकि अब यूजर वेबसाइट पर क्लिक ही नहीं करते। अगर Google खुद AI-generated जवाब दे देगा तो लोग मुख्य स्रोस पर क्या करने जाएंगे। AI वेबसाइट्स से जानकारी लेकर खुद जवाब बना रहा है, लेकिन यूजर मूल वेबसाइट तक नहीं पहुंच रहा। यही वजह है कि यूरोपीय यूनियन भी Google पर नजर रख रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि Google धीरे-धीरे पूरे इंटरनेट को “डेटा सप्लायर” में बदल रहा है।