केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोमवार को कहा कि पश्चिम एशिया युद्ध के जल्द थमने के आसार नहीं दिखने से नागरिकों से विदेशी मुद्रा भंडार को बचाकर रखने के लिए हरसंभव प्रयास करने का आग्रह किया गया है।
उद्योग संगठन भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के वार्षिक व्यापार सम्मेलन में कहा कि हालिया घटनाक्रम को देखते हुए पश्चिम एशिया में संघर्षविराम अभी ‘बहुत दूर’ नजर आ रहा है।
उन्होंने कहा, ‘हम बहुत अनिश्चितता वाले समय में हैं। हमारी किसी गलती के बगैर, हमारे पड़ोस में दो देशों के बीच चल रहे युद्ध का असर पूरी दुनिया पर पड़ रहा है। मौजूदा स्थिति में यहां पर संघर्षविराम होना दूर लगता है।’ वैष्णव ने कहा कि संकट की इस घड़ी में नागरिकों को भी महत्वपूर्ण भूमिका निभानी है।
उन्होंने कहा, ‘हम नागरिकों के रूप में अपने जीवन और कामकाज में ऐसे उपाय पहचान सकते हैं, जिनसे विदेशी मुद्रा की बचत हो सके। साथ ही हमें विदेशी मुद्रा अर्जित करने के प्रयास भी बढ़ाने चाहिए।’
युद्ध खत्म होने की संभावना कम
इसी कार्यक्रम में भारती एंटरप्राइजेज के चेयरमैन सुनील भारती मित्तल ने सोमवार को कहा कि पश्चिम एशिया संकट की वजह से विश्व की अर्थव्यवस्था प्रभावित है और भारत भी इससे अछूता नहीं है।
उन्होंने कहा कि पेट्रोलियम आयात की निर्भरता को कम करने के लिए घरेलू उद्यमियों को इलेक्टि्रक व नवीकरणीय ऊर्जा जैसे सेक्टर में निवेश बढ़ाना चाहिए। मित्तल ने कहा कि यह कठिन समय है।
हम पिछले कुछ सालों से 6-7 प्रतिशत की दर से विकास कर रहे हैं। लेकिन फिलहाल ऐसी स्थिति पैदा हो गई है, जिस पर किसी का नियंत्रण नहीं है। हमारा विशाल देश युवाओं का है, जहां लंबे समय तक भारी मांग रहने वाली है। हमें उनकी जरूरतों को पूरा करने के लिए मेक इन इंडिया को प्रोत्साहित करना चाहिए।