ब्रिक्स देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेने के लिए ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची भारत पहुंचे हैं।
अराघची के विमान पर ‘मिनाब 168’ लिखा हुआ था, जिसने पश्चिम एशिया संकट की सबसे दर्दनाक घटनाओं में से एक की याद ताजा कर दी।
‘मिनाब 168’ ईरान के दक्षिणी प्रांत होर्मोजगान के मिनाब शहर में स्थित शाजरेह तय्येबेह प्राइमरी स्कूल पर हुए मिसाइल हमले में मारी गईं 168 स्कूली बच्चियों का प्रतीक है। इस हमले में कुल 175 लोगों की मौत हुई थी।
शुरुआती जांच में दावा किया गया था कि स्कूल पर अमेरिकी टॉमहॉक मिसाइल गिरी थी।
अमेरिका ने कहा है कि मामले की जांच जारी है।यह हमला 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए व्यापक सैन्य अभियान के दौरान हुआ था।
घटना ने पूरी दुनिया को झकझोर दिया
उसी दिन ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मारे गए थे।यूनीसेफ के अनुसार, स्कूल पर हुए हमले में सात से 12 वर्ष आयु के बच्चे शामिल थे, जिनमें अधिकांश लड़कियां थीं।
घटना ने पूरी दुनिया को झकझोर दिया और अमेरिका-इजरायल की तीखी आलोचना हुई।हालांकि अमेरिका और इजरायल ने कहा कि स्कूल उनका लक्ष्य नहीं था।
उनके अनुसार, निशाना स्कूल के पास स्थित ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड के सैन्य ढांचे को बनाया गया था, लेकिन खुफिया जानकारी या लक्ष्य निर्धारण में त्रुटि के कारण मिसाइल स्कूल पर जा गिरी।
घटना की वैश्विक स्तर पर आलोचना होने के बाद अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन ने जांच शुरू की।इस बीच, ईरान ने ब्रिक्स की मौजूदा अध्यक्षता कर रहे भारत से तेहरान के खिलाफ अमेरिकी-इजरायली सैन्य कार्रवाई को समाप्त कराने में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की है।
ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने कहा कि ब्रिक्स जैसे मंचों में सक्रिय भागीदारी को तेहरान वास्तविक बहुपक्षवाद’ को मजबूत करने और अधिक संतुलित व न्यायपूर्ण वैश्विक व्यवस्था स्थापित करने की दिशा में रणनीतिक कदम के रूप में देखता है।