अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच एक ऐसा युद्ध छिड़ा हुआ है, जिसका अंत युद्ध के 38 दिन बाद भी नजर नहीं आ रहा है। इसके पीछे की वजह ये है कि इस युद्ध में दुनिया की सबसे ताकतवर सेनाएं लड़ रही हैं।
ईरान, इजरायल और अमेरिका की सेनाओं का नाम दुनिया की 20 सबसे ज्यादा ताकतवर मिलिट्री में शामिल है। इन देशों की सेनाओं के पास इतने ताकतवर हथियार हैं कि ये पूरी दुनिया में तबाही मचा सकते हैं। मिडिल ईस्ट में छिड़े युद्ध में इस तबाही के मंजर को देखा भी जा सकता है।
दुनिया की सबसे ताकतवर सेनाएं लड़ रहीं युद्ध
इजरायल-अमेरिका और ईरान की सेना के पास आर्मी, वायुसेना और नौसेना का जखीरा है। 38 दिनों के युद्ध के बाद भी तीनों ही देश आग बरसा रहे हैं। इनके पास जमीनी युद्ध के लिए हजारों की संख्या में टैंकर्स, हवाई हमले के लिए एयरक्राफ्ट और समुद्री जंग के लिए सबमरीन का एक बड़ा बेड़ा है।
ग्लोबल फायर पावर डॉट कॉम के मुताबिक, यूनाइटेड स्टेट्स के पास दुनिया की सबसे ताकतवर सेना है। अमेरिकी सेना ने हर बार
अपनी ताकत को साबित भी किया है। वहीं दुनिया की सबसे ताकतवर सेनाओं में इजरायली सेना 15वें नंबर पर और ईरान की सेना 16वें नंबर पर आती है।
ईरान की सेना की ताकत
ईरान के पास एक नहीं, बल्कि दो सेनाएं हैं- आर्टेश और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC)। आर्टेश, ईरान की आर्म्ड फोर्स है, जो दुश्मनों से देश की रक्षा करती है। वहीं IRGC का सीधा संपर्क ईरान के सुप्रीम लीडर से होता है।
ग्लोबल फायर पावर डॉट कॉम की रिपोर्ट देखें, जो इसी साल 2026 में 20 जनवरी को आई थी, उस हिसाब से ईरान की कुल आबादी 8.84 करोड़ के करीब है।
ईरान की मजबूत सेना
- इस देश के पास 56 फीसदी मैनपावर है।
- ईरानी सेना में 6,10,000 सुरक्षाबल मौजूदा समय में हैं।
- ईरान के पास 3,50,000 सुरक्षाबल रिजर्व भी हैं।
- इस देश के पास पैरामिलिट्री में 2,20,000 जवान हैं।
- एयरफोर्स सुरक्षाबल बेड़े में 37,000 जवान हैं।
- आर्म्ड फोर्स में 3,50,000 सैनिक हैं।
- ईरान की नौसेना में 20,000 जवान हैं।
ईरान के बेड़े में खतरनाक हथियार
ईरान के पास हवाई हमले करने के लिए एयरक्राफ्ट, फाइटर्स, हेलीकॉप्टर और टैंकर का भी स्टॉक है।
- एयरक्राफ्ट- 551
- फाइटर्स- 188
- हेलीकॉप्टर- 129
- अटैक हेलीकॉप्टर- 13
- टैंकर फ्लीट- 6
ईरान के पास जमीनी युद्ध के लिए भी बड़े हथियार हैं। इनमें टैंकर, तोपें और रॉकेट छोड़ने के लिए भी व्हीकल हैं। वहीं सेना के पास बड़ी संख्या में गाड़ियां हैं।
- सेना के लिए गाड़ियां- 75,939
- टैंकर- 2,675
- स्व-चालित तोपखाना- 424
- खींची जाने वाली तोपें- 1,803
- रॉकेट तोपखाना- 1,550
सेना पर कितना खर्च करता है ईरान?
ईरान बीते कई सालों से अपनी सेना को मजबूत बना रहा है। ईरानी सरकार अपनी सेना पर काफी पैसा भी खर्च करती है। स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) के मुताबिक, 2024 में ईरान ने अपनी मिलिट्री पर 7.89 बिलियन डॉलर खर्च किए।
इजरायली सेना की ताकत
दुनिया के 145 देशों में इजरायल की सेना 15वीं सबसे ताकतवर सेना मानी जाती है। ग्लोबल फायर पावर डॉट कॉम के मुताबिक, इजरायल की आबादी 9.40 करोड़ के करीब है।
इजरायल के पास कितनी बड़ी सेना?
- इस देश के पास अपनी आबादी का 52 फीसदी हिस्सा मैनपावर है।
- इजरायली सेना में मौजूदा समय में 1,69,500 सुरक्षाबल हैं, जो कि ईरानी सेना की तुलना में काफी कम हैं।
- इजरायल के पास 4,65,000 सुरक्षाबल रिजर्व भी हैं।
- इस देश के पास पैरामिलिट्री में 35,000 जवान हैं।
- इजरायल की एयरफोर्स में 89,000 जवान हैं, जो कि ईरान की तुलना में ज्यादा हैं।
इजरायली सेना के खतरनाक हथियार
इजरायली एयरफोर्स काफी खतरनाक हथियारों से लैस है। इस देश के पास हवाई हमले करने के लिए एयरक्राफ्ट, फाइटर्स, हेलीकॉप्टर और टैंकर समेत स्पेशल मिशन के लिए भी घातक हथियार हैं। इजरायल की एयरफोर्स के पास हथियारों की संख्या ईरानी सेना के तुलना में ज्यादा है।
- एयरक्राफ्ट- 597
- फाइटर्स- 239
- हेलीकॉप्टर- 127
- अटैक हेलीकॉप्टर- 48
- टैंकर फ्लीट- 13
इजरायली सेना के पास जमीनी युद्ध लड़ने के लिए भी टैंकर और तोपों का बहुत बड़ा जखीरा है। लेकिन ईरान से तुलना की जाए तो जमीनी युद्ध के लिए इजरायल के पास कुछ कम हथियार हैं। इजरायली सेना ने जमीनी युद्ध से ज्यादा हवाई युद्ध के लिए खुद को मजबूत बनाया है।
- सेना के लिए गाड़ियां- 62,380
- टैंकर- 1,300
- स्व-चालित तोपखाना- 323
- खींची जाने वाली तोपें- 171
- रॉकेट तोपखाना- 228
सेना पर कितना खर्च करता है इजरायल?
इजरायल भी अपनी सेना को मजबूत के लिए हर साल कई बिलियन डॉलर खर्च करता है। इजरायल के पास 80 न्यूक्लियर हथियार भी हैं। स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) के मुताबिक, इजरायल ने 2024 में अपनी फौज पर 46.5 बिलियन डॉलर खर्च किए थे।
अमेरिका के पास दुनिया की सबसे ताकतवर सेना
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने ईरान पर हमला करने से पहले तेहरान में बैठी इस देश की सरकार को धमकी भी दी थी कि वो अपने न्यूक्लियर प्लांट बंद कर दें। लेकिन ईरान ने बात नहीं मानी और अमेरिका ने इजरायल के साथ मिलकर 28 फरवरी को ईरान पर हमला कर दिया।
अमेरिकी और इजरायली सेना के ऑपरेशन एपिक फ्यूरी में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई। इसके साथ ही ईरान के कई बड़े नेता भी मारे गए।
अमेरिका की सेना ने हाल ही में एक बड़े रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम दिया। मिडिल ईस्ट में छिड़े युद्ध के बीच अमेरिकी सेना, ईरान में घुसकर अपने पायलट को बचाकर ले आई, जिसका ईरानी सेना ने प्लेन क्रैश कर दिया था और वो पायलट ईरान में ही फंस गया है।
अमेरिकी सेना के इन सभी खतरनाक ऑपरेशनों को अंजाम देने की वजह से इनकी मजबत सेना और सेना के पास सभी तरह के आधुनिक हथियार।
ग्लोबल फायर पावर डॉट कॉम के मुताबिक, अमेरिका की आबादी 34 करोड़ से ज्यादा है। इस देश के पास अपनी आबादी का 44 फीसदी मैनपावर है।
अमेरिका की मजबूत सेना
- ईरान की सेना में जहां 6 लाख के करीब सुरक्षाबल हैं, वहीं मौजूदा समय में अमेरिका की सेना में 13 लाख से ज्यादा जवान हैं।
- अमेरिका के पास इन 13 लाख सुरक्षाबलों के अलावा 8 लाख रिजर्व फौज भी है।
- ईरान की एयरफोर्स में जहां 37,000 जवान हैं, इजरायली एयरफोर्स में 89,000 जवान हैं, वहीं अमेरिकी एयरफोर्स में सात लाख से ज्यादा जवान हैं।
अमेरिकी एयरफोर्स के पास खतरनाक और आधुनिक हथियार
अमेरिकी एयरफोर्स कई आधुनिक हथियारों से लैस है। ईरान और इजरायल के पास जहां 600 से ज्यादा एयरक्राफ्ट भी नहीं हैं, वहीं US एयरफोर्स के पास 13 हजार से ज्यादा एयरक्राफ्ट हैं। सभी आधुनिक हथियारों की संख्या में अमेरिका, ईरान से काफी आगे है।
- एयरक्राफ्ट- 13,032
- फाइटर्स- 1,791
- हेलीकॉप्टर- 5,913
- अटैक हेलीकॉप्टर- 1,024
- टैंकर फ्लीट- 610
यरफोर्स के साथ जमीनी युद्ध लड़ने में भी अमेरिका की सेना किसी भी देश को धूल चटा सकती है। अमेरिका के पास हजारों की संख्या में तोप और रॉकेट हैं। वहीं इतनी बड़ी सेना के लिए चार लाख से ज्यादा गाड़ियां हैं।
- सेना के लिए गाड़ियां- 4,09,660
- टैंकर- 4,666
- स्व-चालित तोपखाना- 1,521
- खींची जाने वाली तोपें- 1,878
- रॉकेट तोपखाना- 1,731
सेना पर कितना खर्च करता है अमेरिका?
अमेरिका अपनी सेना को ताकतवर बनान के लिए बजट भी काफी खर्च करता है। स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) के मुताबिक, 2024 में US ने अपनी फौज पर 997 बिलियन डॉलर खर्च किए थे।