ईरान ने ट्रंप, नेतन्याहू और यूरोप पर लगाए गंभीर आरोप, राष्ट्रपति पेजेश्कियान बोले-इन्हीं ने भड़काई विरोध की आग…

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने देश में हाल ही में हुए ¨हसक प्रदर्शनों के लिए सीधे तौर पर अमेरिका, इजराइल और यूरोपीय देशों को जिम्मेदार ठहराया है।

शनिवार को सरकारी टेलीविजन पर प्रसारित एक संबोधन में पेजेश्कियान ने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप, बेंजामिन नेतन्याहू और यूरोपीय नेताओं ने ईरान की आर्थिक समस्याओं का फायदा उठाकर जनता को भड़काने और देश को ”तोड़ने” का प्रयास किया है।

दिसंबर के अंत में बढ़ती महंगाई और आर्थिक संकट के कारण शुरू हुए ये प्रदर्शन अब शांत हो गए हैं, लेकिन इनका प्रभाव काफी गहरा रहा है। राष्ट्रपति के अनुसार, विदेशी शक्तियों ने निर्दोष लोगों को इस आंदोलन में खींचने के लिए संसाधनों की आपूर्ति की और समाज को विभाजित करने की कोशिश की।

मौतों के विरोधाभासी आंकड़े

दो सप्ताह तक चले प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा में हताहतों की संख्या को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं। अमेरिका स्थित मानवाधिकार संगठन एचआरएएनए का दावा है कि सुरक्षा बलों की कार्रवाई में कम से कम 6,563 लोग मारे गए हैं, जिनमें 6,170 प्रदर्शनकारी और 214 सुरक्षाकर्मी शामिल हैं

इसके विपरीत, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने आंकड़ों को कम बताते हुए कहा कि कुल 3,100 लोग मारे गए हैं, जिनमें 2,000 सुरक्षा बल के जवान शामिल हैं। पेजेश्कियान ने स्पष्ट किया कि यह केवल एक सामाजिक विरोध नहीं था, बल्कि देश में घृणा और संघर्ष पैदा करने की एक सुनियोजित विदेशी साजिश थी। सैन्य तनाव व कूटनीतिक प्रयास वर्तमान में ईरान और अमेरिका के बीच तनाव चरम पर है।

ट्रंप ने प्रदर्शनकारियों का समर्थन करते हुए सैन्य कार्रवाई के संकेत दिए हैं, हालांकि अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। इस बीच, इजराइल के ईलात बंदरगाह पर अमेरिकी नौसेना के एक विध्वंसक जहाज के पहुंचने की खबर ने युद्ध की आशंकाओं को और बल दिया है।

अमेरिका की मांग है कि बातचीत शुरू करने के लिए ईरान अपने मिसाइल कार्यक्रम पर रोक लगाए, जिसे ईरान ने सिरे से खारिज कर दिया है। विदेश मंत्री अराघची ने स्पष्ट किया कि मिसाइलों पर कोई समझौता नहीं होगा और ”शासन परिवर्तन” की बात करना एक कल्पना मात्र है। तुर्की, सऊदी अरब और यूएई जैसे क्षेत्रीय देश स्थिति को बिगड़ने से रोकने के लिए कूटनीतिक प्रयासों में जुटे हैं।

ईरान ने कभी परमाणु हथियार हासिल करने की कोशिश नहीं की- अराघची

ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने शनिवार को तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगान और विदेश मंत्री हाकान फिदान से मुलाकात कर क्षेत्रीय शांति पर चर्चा की। एक्स पोस्ट में अराघची ने कहा, ”हमारी बातचीत में, मैंने दोहराया कि ईरान ने कभी भी परमाणु हथियार बनाने की कोशिश नहीं की है और वह एक निष्पक्ष और न्यायसंगत परमाणु समझौते के लिए तैयार है जो हमारे लोगों के वैध हितों को पूरा करता हो। इसमें ‘परमाणु हथियार निषेध’ सुनिश्चित करना और प्रतिबंधों को हटाने की गारंटी देना शामिल है।”

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