ईरान ने जासूसी और इजरायल के साथ सहयोग के आरोप में सोमवार को अपने दो नागरिकों को फांसी दे दी।
यह घटना राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े अपराधों के लिए फांसी की बढ़ती घटनाओं के बीच हुई है।
न्यायपालिका के समाचार आउटलेट मिजान की रिपोर्ट के अनुसार, ओमिद बेहजाद और पौरिया सफवत पर आरोप था कि उन्होंने हालिया संघर्ष के दौरान इजरायल को सैन्य और सुरक्षा ठिकानों के कोआर्डिनेट्स के साथ-साथ तस्वीरें और जानकारियां भेजी थीं।
ये फांसी ऐसे समय में दी गई हैं, जब ईरान ने जनवरी में देशव्यापी अशांति को हजारों प्रदर्शनकारियों की हत्या करके दबाया था, और उसके ठीक बाद 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने उस पर नए हमले किए।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि सोमवार को ईरान के साथ बातचीत होगी, लेकिन ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने सोमवार को कहा कि फिलहाल अमेरिका के साथ कोई बातचीत नहीं हो रही है।
मौजूदा संघर्ष फरवरी के आखिर में अमेरिका और इजरायल के हमलों के साथ शुरू हुआ। इससे पहले ईरान पर उसके परमाणु और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रमों और जनवरी के विरोध-प्रदर्शनों से निपटने के तरीके को लेकर हफ्तों तक दबाव बना हुआ था।