महाराष्ट्र में त्योहारों के दौरान लाखों श्रद्धालुओं को महाप्रसाद, प्रसाद परोसा जाएगा। इसे देखते हुए खाद्य और औषधि प्रशासन (एफडीए) ने नया नियम लागू किया है।
इसके तहत त्योहारों, धार्मिक कार्यक्रमों के आयोजकों को कार्यक्रम से कम से कम सात दिन पहले एफडीए के फूड एंड ड्रग ग्रीवेंस पोर्टल के जरिए तयशुदा सामूहिक भोजन वितरण की पूर्व-सूचना फार्म संबंधित अधिकारी के पास जमा करना होगा। यह नियम उन आयोजनों के लिए होगा जहां महाप्रसाद, लंगर, भंडारा या बड़े पैमाने पर भोजन वितरण होते हैं।
एफडीए ने कहा कि पहले से जानकारी मिलने पर जोखिम के आधार पर जांच करने, खाने के सैंपल इकट्ठा करने और जहां भी जरूरत हो, तुरंत कार्रवाई करने में मदद मिलेगी। जहां खाना किसी लाइसेंस-प्राप्त या रजिस्टर्ड कैटरर या किचन के जरिये बनाया और परोसा जाता है, वहां पहले से सूचना देना जरूरी होगा।
यह कदम एफडीए कमिश्नर तुकाराम मुंढे और मुंबई के गणेश मंडलों के प्रतिनिधियों के बीच हुई बैठक के बाद उठाया गया है। मंडलों ने इस पहल का स्वागत तो किया है, लेकिन बहुत कम समय मिलने को लेकर चिंता भी जताई है।
बृहन्मुंबई सार्वजनिक गणेशोत्सव समन्वय समिति के नरेश दहीबावकर ने कहा, दो दिन पहले एफडीए कमिश्नर ने हमारे साथ बैठक की और यह फैसला लिया। हम इसका स्वागत करते हैं, लेकिन अगर उन्होंने हमें कम से कम एक साल का समय दिया होता तो बेहतर होता। ऐसे फैसले को लागू करने के लिए दिया गया समय बहुत कम है।
ठाणे में 11 फैक्ट्रियों पर छापेमारी 20.48 लाख रुपये का सामान जब्तमहाराष्ट्र एफडीए ने ठाणे के शिल-दिवा रोड के भास्कर कंपाउंड-खाड़ी गांव इलाके में वेफर्स, चिवड़ा, नमकीन और अन्य खाद्य पदार्थ बनाने वाली 11 फैक्ट्रियों पर छापेमारी की और 20.48 लाख रुपये का खाद्य पदार्थ जब्त किया। इनमें 28,955 किलोग्राम खाद्य पदार्थ और 56 लीटर खाद्य तेल शामिल है।
निरीक्षण के दौरान खाद्य पदार्थ बनाने की जगह गंदे फर्श, खुले उत्पादन क्षेत्र, अपर्याप्त जल निकासी, काकरोच और चूहों का प्रकोप, परिसर के आसपास जानवरों की आवाजाही, अनुचित लेबलिंग जैसी खामियां भी दिखीं।
सभी 11 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस/पंजीकरण निलंबित कर दिए गए हैं और उनके कामकाज को रोकने के आदेश दिए गए। स्वच्छता नियमों के उल्लंघन के कारण मुंबई में छह रेस्तरां का लाइसेंस भी निलंबित किया गया है।