भारत और अमेरिका की नौसेनाओं के बीच आतंकवाद और बारूदी सुरंगों से निपटने की क्षमता को और मजबूत करने के लिए आज यानी 10 अगस्त से कोच्चि में एक विशेष संयुक्त अभ्यास शुरू हो रहा है।
केरल के कोच्चि स्थित दक्षिणी नौसेना कमान में आयोजित होने वाला यह पांच दिवसीय अभ्यास 14 अगस्त तक चलेगा।
बता दें कि भारत और अमेरिकी नौसेनाओं के बीच साल 2005 से ही इस तरह के संयुक्त बचाव और विस्फोटक ऑर्डनेंस डिस्पोजल (EOD) अभ्यास होते आ रहे हैं। यह इस विशेष द्विपक्षीय प्रशिक्षण का 8वां संस्करण है।
क्या होगा इस अभ्यास में?
पांच दिनों तक चलने वाले इस कार्यक्रम में दोनों देशों के गोताखोर और बम निरोधक विशेषज्ञ हिस्सा लेंगे। इस दौरान आधुनिक तकनीकों, बम निष्कासन के नए तरीकों और सर्वोत्तम प्रथाओं का आदान-प्रदान किया जाएगा। इतना ही नहीं इस अभ्यास के तहत विषय विशेषज्ञों के बीच बैठकें, क्रॉस-ट्रेंडिंग, अत्याधुनिक उपकरणों का प्रदर्शन और वास्तविक युद्ध जैसे हालात से निपटने के लिए प्रैक्टिकल ट्रेनिंग दी जाएगी।
अब समझिए क्या है उद्देश्य?
गौरतलब है कि भारतीय नौसेना और अमेरिकी नौसेना के बीच होने वाले इस युद्धाभ्यास का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों की नौसेनाओं के बीच आपसी तालमेल को बढ़ाना और समुद्री सुरक्षा के क्षेत्र में पेशेवर सहयोग को और गहरा करना है। इस दौरान भारत और अमेरिका की इस संयुक्त कसरत से दोनों देशों के विशेष बलों को एक-दूसरे की आधुनिक तकनीक और कार्यशैली को नजदीक से समझने का बेहतरीन अवसर मिलेगा।