इंडिगो एयरलाइंस की दिसंबर में हजारों उड़ानें रद हुई थीं, जिससे लाखों यात्री प्रभावित हुए थे।
अब इस मामले में भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआइ) ने बुधवार को इंडिगो के खिलाफ विस्तृत जांच का आदेश दिया।
जबकि दिसंबर में उड़ानें रद होने से प्रभावित यात्रियों को लेकर नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने डाटा साझा किया है।
इससे यह पता चला है कि दिसंबर में कुल उड़ानों के रद होने से 10.4 लाख से ज्यादा यात्रियों पर असर पड़ा, जिनमें से अकेले 93 प्रतिशत से अधिक यात्री इंडिगो की उड़ानें रद होने से प्रभावित हुए थे।
घटना के करीब दो महीने बाद जारी आदेश में सीसीआई ने कहा कि बड़ी संख्या में उड़ानें रद कर इंडिगो ने अपनी निर्धारित क्षमता का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बाजार से हटा लिया, जिससे कृत्रिम अभाव की स्थिति पैदा हुई और व्यस्त मांग के दौरान यात्रियों की हवाई यात्रा तक पहुंच सीमित हुई।
DGCA ने ताजा आंकड़े किए जारी
इधर, विमानन नियामक डीजीसीए की तरफ से साझा किए गए ताजा आंकड़ों के अनुसार, घरेलू विमानन कंपनियों ने दिसंबर में उड़ानें रद होने पर 10.46 लाख से ज्यादा यात्रियों को नुकसान होने पर मुआवजे और सुविधाओं के लिए 24.27 करोड़ रुपये खर्च किए।
इनमें से इंडिगो की ओर से दिसंबर में उड़ानें रद करने पर 9.82 लाख यात्री प्रभावित हुए और एयरलाइन ने सुविधाओं के लिए 22.74 करोड़ रुपये खर्च किए। दिसंबर में निर्धारित घरेलू एयरलाइंस की उड़ानें रद करने की कुल दर 6.92 प्रतिशत थी, जबकि इंडिगो के लिए यह दर 9.65 प्रतिशत थी। इंडिगो देश की सबसे बड़ी एयरलाइन है, जिसकी दिसंबर की शुरुआत में बड़े पैमाने पर उड़ानें रद हुई थीं।
दिसंबर के शुरुआती हफ्तों में इंडिगो की लगभग 4500 उड़ानें रद हुई थीं, जिससे देशभर में हजारों यात्री फंस गए थे। इसके चलते बाजार में उसका हिस्सा नवंबर में 63.6 प्रतिशत से घटकर 59.6 प्रतिशत हो गया।
डीजीसीए के अनुसार, दिसंबर में निर्धारित उड़ानों के संबंध में यात्रियों से कुल 29,212 शिकायतें प्राप्त हुईं।
इंडिगो ने लंबी दूरी की उड़ानों के कार्यक्रम में किया बदलाव
इंडिगो ने विदेशी परिचालन संबंधी दिक्कतों का समाधान करने के लिए अपनी लंबी दूरी के उड़ान कार्यक्रम में बदलाव करने की घोषणा की है।
इसके तहत 17 फरवरी से कोपनहेगन के लिए उड़ानें स्थगित कर दी जाएंगी। इसके अलावा दिल्ली-लंदन हीथ्रो और दिल्ली-मैनचेस्टर रूट पर भी उड़ानों में कटौती की जाएगी।
एयरलाइन ने बयान में बताया कि उसके विमान संचालन को विभिन्न बाहरी कारकों की वजह से दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, जिसमें हवाई क्षेत्र की बदलती परिस्थितियां और हवाई अड्डों पर भीड़ प्रमुख कारण हैं। ये बदलाव ड्रीमलाइनर विमानों से संचालन पर लागू होंगे।