डोमेस्टिक एविएशन मार्केट पर इंडिगो और एयर इंडिया का 91% कब्जा, उड्डयन मंत्रालय ने संसद में पेश किए आंकड़े…

केंद्र सरकार ने राज्यसभा में बताया कि भारत के घरेलू विमानन बाजार में इंडिगो और एअर इंडिया ग्रुप का मिलाकर 91 प्रतिशत तक कब्जा है। वहीं, दूसरी ओर हजारों उड़ानों के रद होने से लाखों यात्री प्रभावित हुए हैं।

यह जानकारी तृणमूल कांग्रेस की सांसद सागरिका घोष द्वारा नागरिक उड्डयन मंत्रालय से पूछे गए एक प्रश्न के उत्तर में सामने आई। इसका जवाब सोमवार को नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने दिया।

‘पांच हजार से ज्यादा उड़ाने रद कीं’

उन्होंने बताया, “नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025 में M/s इंडिगो की बाजार हिस्सेदारी लगभग 64.0 प्रतिशत है, जबकि एयर इंडिया समूह की हिस्सेदारी 27.0% है।” मंत्रालय ने कहा, ‘ये दोनों एयरलाइंस मिलकर घरेलू बाजार का 91 प्रतिशत हिस्सा अपने पास रखती हैं।’

सरकार ने यह भी बताया कि दिसंबर 2025 में इंडिगो ने 5,689 निर्धारित घरेलू उड़ानें रद कर दीं। जवाब में कहा गया, “एयरलाइंस द्वारा डीजीसीए को सौंपे गए आंकड़ों के अनुसार, दिसंबर 2025 के दौरान, M/s इंडिगो ने 5,689 निर्धारित घरेलू उड़ानें रद कर दीं।”

कितना किया भुगतान?

केंद्र सरकार ने बताया कि इंडिगो ने अब तक मुआवजे के तौर पर 4,620.5 लाख रुपये का भुगतान किया है। साथ ही, यह भी कहा कि दिसंबर में बड़े पैमाने पर रद हुई उड़ानों से जुड़े रिफंड की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है और उन्हें भुगतान के मूल माध्यम में जमा कर दिया गया है।

सरकार ने DGCA को सौंपे गए आंकड़ों के आधार पर बताया कि दिसंबर 2025 में तीन दिनों की अवधि के दौरान 3.64 लाख से अधिक यात्री प्रभावित हुए। हालांकि, केंद्र ने डेटा इकट्ठा करने में कुछ अहम कमियों का भी जिक्र किया।

उसने कहा, “DGCA के पास रद हुई उड़ानों की वजह से अलग-अलग एयरलाइनों को हुए नुकसान और यात्रियों को हुए कुल नुकसान का कोई डेटा मौजूद नहीं है।” उसने यह भी बताया कि फंसे हुए जिन यात्रियों को रिफंड या दूसरी उड़ानें नहीं मिलीं, उनके बारे में भी कोई डेटा उपलब्ध नहीं है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *