रूसी सेना के साथ अब भी काम कर रहे दो दर्जन भारतीय, उनको रिहा कराने को लेकर भारत के प्रयास जारी…

भारत ने शुक्रवार को कहा कि लगभग दो दर्जन भारतीय नागरिक अब भी रूस की सेना के साथ काम कर रहे हैं और उनकी वहां से रिहाई की कोशिशें चल रही हैं। नई दिल्ली बार-बार रूस से कह रहा है कि वह रूसी सैन्य इकाइयों में रसोइये और सहायक जैसे कर्मियों के तौर पर काम कर रहे सभी भारतीयों को रिहा कर दे।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने भारतीयों से ऐसी नौकरी के प्रस्तावों से दूर रहने कहा है, जिनमें जोखिम हो। उन्होंने बताया कि सरकार के प्रयासों के परिणामस्वरूप अब तक 139 भारतीय नागरिकों की रिहाई हो चुकी है।

जायसवाल ने कहा, “हम रूसी सेना के पास मौजूद शेष भारतीयों की रिहाई के लिए रूसी पक्ष के साथ लगातार संपर्क बनाए हुए हैं। हमारे प्रयासों के परिणामस्वरूप अब तक 139 भारतीय नागरिकों की रिहाई हो चुकी है।” अब तक 30 से अधिक भारतीयों की रूस-यूक्रेन युद्ध में मोर्चे पर सेवा करते समय मृत्यु हो चुकी है।

रूसी तेल खरीद को लेकर अमेरिकी बिल पर नजर

रूसी तेल और गैस के भारत व चीन समेत बड़े खरीदार देशों पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने के प्रविधान वाले बिल को अमेरिकी सीनेट में मंजूरी दिए जाने के बीच भारत ने शुक्रवार को कहा कि वह स्थिति पर करीबी नजर बनाए है। सीनेट में मंजूरी के बाद अब यह बिल निचले सदन प्रतिनिधि सभा में जाएगा।

अमेरिका ने 2025 से अब तक 4840 भारतीयों को निर्वासित किया

विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि अमेरिका ने 2025 से अब तक कुल 4840 भारतीय नागरिकों को निर्वासित किया है। इसमें इस साल जनवरी से जुलाई के बीच भेजे गए 1,273 लोग शामिल हैं। रणधीर जायसवाल ने बताया कि 2025 में कुल 3567 भारतीय नागरिकों को अमेरिका से निर्वासित किया गया था।

एमनेस्टी के आरोपों को किया खारिज

विदेश मंत्रालय ने कहा कि दोहरे उपयोग वाली चीजों का भारत से होने वाला सभी निर्यात राष्ट्रीय कानूनों और अंतरराष्ट्रीय दायित्यों के अनुरूप है।

मंत्रालय ने एमनेस्टी इंटरनेशनल के उन आरोपों को खारिज कर दिया, जिनमें कहा गया था कि गाजा में युद्ध अपराधों में इस्तेमाल होने के जोखिम के बावजूद नई दिल्ली ने इजरायल को हथियारों की आपूर्ति जारी रखी है।

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