अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच छिड़े महासंग्राम के बीच वहां फंसे भारत व अन्य देशों के नागरिक सुरक्षित बाहर निकलने के रास्ते तलाश रहे हैं।
ईरान में फंसे पाकिस्तान और इराक के नागरिक अपने-अपने देशों के सीमावर्ती इलाकों की तरफ पैदल या अन्य साधनों से निकलना शुरू कर चुके हैं।
इराक पहुंचने के बाद वे दूतावास की मदद से स्वदेश लौटने की कोशिश कर रहे हैं। इससे ईरान में फंसे भारतीय नागरिकों में भी आस बंधी है कि वह भी इराक के रास्ते स्वदेश लौट सकते हैं।
उनकी मांग है कि भारत सरकार भी इस रास्ते से उनकी वापसी करवाए।
वर्तमान में करीब 1200 भारतीय छात्र और लगभग 3000 अन्य भारतीय नागरिक ईरान में फंसे
इंटरनेशनल स्टूडेंट एसोसिएशन ऑफ ईरान (आइएसएआइ) के प्रमुख डा. सैयद हादी शाह श्रीनगर के रहने वाले हैं। वे भी ईरान में फंसे हैं।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में करीब 1200 भारतीय छात्र और लगभग 3000 अन्य भारतीय नागरिक ईरान में फंसे हैं। हालांकि, स्थानीय स्तर पर भारतीयों की कुल संख्या 10 हजार से अधिक मानी जाती है।
इनमें से दूरदराज इलाकों में रहने वाले कई लोगों का अब तक भारतीय दूतावास से संपर्क नहीं हुआ है।