इंटरनेट मीडिया पर बहुप्रसारित हो रहे एक वीडियो को लेकर भारतीय सेना ने शुक्रवार को कड़ा रुख अपनाया।
सेना ने कहा कि सैन्य वर्दी में दिखाई दे रहे कुछ लोग अब सेना का हिस्सा नहीं हैं और वीडियो के जरिए सेना की छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है।
सेना ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर बयान जारी कर कहा कि वीडियो में दिख रहे चंदू चव्हाण, हरेंद्र यादव और पी नरेंद्र को पहले ही “अनुशासनहीनता और गैर-सैनिक आचरण” के आरोपों में सेवा से बर्खास्त किया जा चुका है।
सेना के मुताबिक, वीडियो में दिख रहा चौथा व्यक्ति शंकर सिंह गुर्जर भगोड़ा है और उसके खिलाफ सैन्य तथा सिविल अदालतों में कार्रवाई चल रही है।
यह मामला गुरुवार को दिल्ली के प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में आयोजित एक प्रेस कांफ्रेंस से जुड़ा है। इसमें राज्यसभा सांसद मनोज झा और संजय सिंह पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
प्रेस कांफ्रेंस की कुछ तस्वीरें और वीडियो इंटरनेट मीडिया पर बहुप्रसारित होने के बाद विवाद खड़ा हो गया।
सेना ने अपने बयान में किसी राजनीतिक नेता का नाम नहीं लिया, लेकिन बहुप्रसारित तस्वीर को “झूठा” और “भ्रामक” बताते हुए लोगों से अफवाहों पर भरोसा न करने की अपील की।
सेना ने कहा कि ये लोग जानबूझकर इंटरनेट मीडिया पर फर्जी और भ्रामक सामग्री फैला रहे हैं, ताकि अपने खिलाफ हुई कार्रवाई और सेवा से बर्खास्तगी से ध्यान हटाया जा सके। बयान में नागरिकों से सतर्क रहने और गलत सूचनाओं से बचने की अपील की गई है।