विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि भारत आतंकवाद को हराने के लिए हर जरूरी कदम उठाना जारी रखेगा।
मंत्रालय का यह बयान ऐसे समय आया है जब मुंबई पुलिस ने 26/11 आतंकी हमलों के मामले में पाकिस्तान में मौजूद छह आरोपितों के विरुद्ध उनकी अनुपस्थिति में मुकदमे की प्रक्रिया शुरू की है।
आतंकवाद का मुकाबला करने और जवाबदेही सुनिश्चित करने के भारत के व्यापक दृष्टिकोण के बारे में बात करते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, भारत चाहता है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय आतंकी गतिविधियों की गंभीरता को समझे। उन्होंने इस खतरे से निपटने के लिए भारत की प्रतिबद्धता को भी दोहराया।
प्रवक्ता ने कहा, “ये बहुत गंभीर मामले हैं। हम इन्हें बेहद गंभीरता से लेते हैं। हम चाहते हैं कि वैश्विक समुदाय ऐसी कार्रवाइयों की गंभीरता को समझे। भारत आतंकवाद से बुरी तरह प्रभावित रहा है।
पिछले कई वर्षों में हमने सीमापार आतंकवाद समेत आतंकवाद से लड़ने के लिए वैश्विक कार्रवाई को मजबूत करने की दिशा में बहुत प्रयास किए हैं। आतंकवाद से निपटने की हमारी लड़ाई आगे भी जारी रहेगी। आतंकवाद को हराने के लिए इस संबंध में जो भी कदम उठाने की जरूरत होगी, हम उठाते रहेंगे।”
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की एक संस्था की हालिया रिपोर्ट में कहा गया है कि ‘अल-कायदा इन द इंडियन सबकाॉन्टिनेंट’ (एक्यूआइएस) बांग्लादेश में अपने सेल बनाने की कोशिश कर रहा है, इस पर जयसवाल ने कहा कि आतंकवाद और सुरक्षा से जुड़े मुद्दे “साझा खतरा” हैं। हम इस समस्या से मिलकर लड़ना चाहते हैं।
मंत्रालय ने बताया कि विदेश मंत्री एस. जयशंकर, वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और इलेक्ट्रॉनिक्स व सूचना प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री जितिन प्रसाद चौथे भारत-सिंगापुर मिनिस्ट्रियल राउंडटेबल के लिए सिंगापुर जाएंगे।
अपनी यात्रा के दौरान ये मंत्री अपने समकक्षों के साथ बातचीत करेंगे और सिंगापुर के नेतृत्व से भी मुलाकात करेंगे। गुरुवार को राउंडटेबल बैठक के दौरान व्यापार, निवेश, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग और डिजिटलाइजेशन जैसे कई अहम क्षेत्रों में सहयोग को और बढ़ाने पर चर्चा होगी।
दिल्ली स्थित अफगानिस्तान के दूतावास द्वारा आयोजित ‘विक्ट्री डे’ समारोह में भारत की आधिकारिक उपस्थिति पर विदेश मंत्रालय ने कहा, “पिछले एक वर्ष में अफगानिस्तान के साथ हमारे जुड़ाव में तेजी आई है। इसमें कूटनीतिक बातचीत, मानवीय सहायता और विकास सहयोग के कार्यक्रम शामिल हैं।”
जायसवाल ने बताया कि अक्टूबर, 2025 में भारत ने काबुल में अपने तकनीकी मिशन का दर्जा बढ़ाकर दूतावास के बराबर कर दिया था। नतीजतन भारत के तकनीकी मिशन के प्रमुख को ‘चार्ज डी अफेयर्स’ का पद दिया गया, यानी उनके पद का स्तर बढ़ाया गया है।
अगर इस मामले में आगे कोई प्रगति होगी, तो इसकी जानकारी दी जाएगी। मंत्रालय ने मंगलवार को इंडोनेशिया में आए विनाशकारी भूकंप में हुई मौतों पर भी शोक व्यक्त किया और कहा कि भारत हर संभव मदद देने को प्रतिबद्ध है।