भारत और ब्रिटेन के बीच बुधवार से लागू हुए मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को ब्रिटेन की उच्चायुक्त लिंडी कैमरन ने व्यापार समझौतों का नया स्वर्ण यानी उत्कृष्टता का मापदंड बताते हुए कहा कि यह समझौता दुनिया को नियम-आधारित वैश्विक व्यवस्था प्रभावी होने का संदेश देता है।
आधिकारिक तौर पर ‘समग्र आर्थिक एवं व्यापार समझौता’ (सीईटीए) नाम से जाना जाने वाला यह समझौता भारत के लगभग 99 प्रतिशत निर्यात के लिए ब्रिटेन में शून्य-शुल्क बाजार पहुंच सुनिश्चित करता है।
उन्होंने उम्मीद जताई कि यह समझौता द्विपक्षीय व्यापार को मौजूदा 60 अरब डॉलर से बढ़ाकर 100 अरब डॉलर तक ले जाने में मदद करेगा।
ब्रिटिश उच्चायुक्त ने इस समझौते के क्षेत्रवार प्रभाव का उल्लेख करते हुए कहा कि इस समझौते से कई क्षेत्रों को व्यापक लाभ मिलेगा।
उन्होंने बताया कि स्कॉच व्हिस्की पर आयात शुल्क 150 प्रतिशत से घटाकर 75 प्रतिशत कर दिया गया है, जिससे उपभोक्ताओं के लिए कीमतों में उल्लेखनीय कमी आ सकती है।
इसके अलावा, प्रीमियम ब्रिटिश कारों पर आयात शुल्क भी 110 प्रतिशत से अधिक के स्तर से घटकर 10 प्रतिशत तक आने की प्रक्रिया शुरू होगी, जिससे भारतीय उपभोक्ताओं के लिए प्रतिष्ठित ब्रिटिश कारें सस्ती होंगी।