ढाका में भारतीय उच्चायोग ने शनिवार को 1971 के मुक्ति संग्राम में बांग्लादेश के पूर्व राष्ट्रपति जियाउर रहमान की भूमिका को याद किया।
उनकी पुण्यतिथि के मौके पर उच्चायोग ने कहा कि भारत उस समय भी बांग्लादेश के लोगों के साथ खड़ा था और आज भी उनके साथ है।
उच्चायोग ने जिया को अपने राष्ट्र के सबसे बहादुर सपूतों में से एक बताते हुए कहा, “हम मार्च 1971 में उनके उस मशहूर रेडियो संबोधन को याद करते हैं, जिसने आम लोगों में जोश भर दिया था, उन्हें दमन के खिलाफ संघर्ष के रास्ते पर चलने के लिए प्रेरित किया था और अंततः राष्ट्रीय मुक्ति दिलाई थी।”
बयान में कहा गया, “आज भी, ठीक वैसे ही जैसे उस समय था, भारत साझा बलिदानों की गाथा में और हमारे दोनों देशों के लोगों की प्रगति और समृद्धि की साझा यात्रा में बांग्लादेश के लोगों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है।”