वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार को कहा कि पिछले छह महीनों में अमेरिकी कंपनियों ने भारत में 60 अरब डॉलर से ज्यादा के निवेश की प्रतिबद्धता जताई है। इसमें एमेजोन और गूगल जैसी कंपनियों द्वारा बड़े डाटा सेंटर निवेश भी शामिल हैं।
अमेरिकन चैंबर ऑफ कॉमर्स की वार्षिक लीडरशिप समिट में गोयल ने कहा कि भारत वैश्विक कंपनियों के लिए एक भरोसेमंद ढांचा प्रदान करता है और पैमाने, प्रतिभा व बाजार के अवसरों को इस तरह से जोड़ता है जिसका दुनिया में कोई मुकाबला नहीं है।
उन्होंने कहा कि अमेरिका एक भरोसेमंद साझेदार की तलाश में है और भारत ने लगातार बौद्धिक संपदा अधिकारों के प्रति सम्मान दिखाया है। साथ ही समय पर उच्च गुणवत्ता वाला काम भी करके दिखाया है।
गोयल ने कहा कि भारत के पास कुशल प्रतिभाओं का एक विशाल भंडार है और 1.4 अरब महत्वाकांक्षी भारतीयों की मांग, बढ़ती आय और बढ़ते मध्यम वर्ग के जरिये यह अमेरिकी नवाचार को बड़े पैमाने पर विस्तार प्रदान करता है।
चालू खाता घाटा रोकने के लिए कई उपायों पर विचार
पीयूष गोयल ने कहा कि सरकार मौजूदा स्थिति पर नजर रखे हुए है और बढ़ते चालू खाता घाटे (सीएडी) को नियंत्रित करने के लिए कई उपायों पर विचार किया जा रहा है।
आरबीआई के दो मार्च को जारी आंकड़ों के अनुसार, भारत का सीएडी अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में बढ़कर 13.2 अरब डॉलर (जीडीपी का 1.3 प्रतिशत) हो गया, जो उससे पिछले वर्ष की समान अवधि में 11.3 अरब डॉलर था।
इसकी मुख्य वजह अमेरिका को निर्यात में गिरावट से बढ़ा व्यापार घाटा है। अप्रैल-दिसंबर, 2025 के दौरान सीएडी घटकर 30.1 अरब डॉलर (जीडीपी का एक प्रतिशत) रह गया जो पिछले वर्ष की समान अवधि में 36.6 अरब डॉलर (1.3 प्रतिशत) था।
अगले महीने आएगा अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल
उद्योग और वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार को कहा कि व्यापार समझौते से जुड़ी शर्तों को अंतिम रूप देने के लिए अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल अगले महीने भारत आ सकता है। हालांकि, जब उनसे यह पूछा गया कि क्या यह प्रतिनिधिमंडल अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के साथ आएगा तो गोयल ने इससे इनकार किया।
रुबियो व्यापार, रक्षा और ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए 23 मई से शुरू होने वाली चार दिन की यात्रा पर भारत आ रहे हैं। यह उनका पहला भारतीय दौरा होगा।