‘वैश्विक विकास का प्रमुख इंजन है भारत’, IMF ने भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती को सराहा…

पहली तिमाही (अप्रैल-जून 2026) में भारतीय आर्थिकी की विकास दर 7.8 प्रतिशत रहने के बाद वैश्विक वित्तीय संस्था ने यह बात कही है। यह वृद्धि दर आइएमएफ की अपेक्षाओं और अन्य पर्यवेक्षकों के अनुमानों से अधिक है।

एक प्रेस ब्रीफिंग में आईएमएफ की संचार विभाग की निदेशक जूली कोजक ने कहा कि बीती तिमाही में भारत की विकास दर 7.8 प्रतिशत रही है। यह सेवा क्षेत्र के सकारात्मक प्रदर्शन और निर्यात में अपेक्षा से अधिक गतिविधि के कारण हुआ है।

आईएमएफ के अधिकारियों ने इसको अर्थव्यवस्था की बाहरी दबावों का सामना करने की क्षमता के रूप में देखा है। कोजक ने कहा कि भारत वास्तव में दुनिया के लिए एक प्रमुख विकास इंजन बना हुआ है।

उन्होंने कहा कि भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के ताजा डाटा में औद्योगिक उत्पादन और उत्पादक मूल्य सूचकांक के नए आंकड़े शामिल हैं, जो इसके अनुमान को सुधारने में मदद करेंगे।

कोजक ने बताया कि महंगी ऊर्जा सभी तेल आयातक देशों के लिए दबाव पैदा करती है। कई तेल आयातक देशों ने ऐसे झटके के प्रभाव को सीमित करने के उपाय किए हैं।

कोजक ने यह भी बताया कि आईएमएफ अक्टूबर में अपने विश्व आर्थिक दृष्टिकोण के साथ भारत के लिए नए पूर्वानुमान की घोषणा करेगा।

कोजक ने कहा कि पश्चिम एशिया में युद्ध की वजह से आए ऊर्जा झटके का वैश्विक इकोनमी ने उम्मीद से बेहतर तरीके से सामना किया है और 2026 में भी वैश्विक आर्थिक उत्पादन के लगभग तीन प्रतिशत बढ़ने की उम्मीद है। हालांकि, जोखिम अभी भी ज्यादा बने हुए हैं।

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