टैक्स-फ्री जिंदगी से बढ़ता तनाव… दुबई में बसे ब्रिटिश नागरिकों की लग्जरी लाइफ पर संकट, युद्ध ने बढ़ाई चिंता…

 दुबई लंबे समय से ब्रिटिश नागरिकों के लिए एक शानदार और आरामदायक जिंदगी का प्रतीक रहा है।

टैक्स फ्री इनकम, लग्जरी लाइफस्टाइल और सुरक्षित माहौल ने लाखों ब्रिटिश लोगों को यहां बसने के लिए आकर्षित किया।

लेकिन अब पश्चिम एशिया में बढ़ते युद्ध और तनाव ने इस ‘ड्रीम लाइफ’ को चुनौती देना शुरू कर दिया है।

दुबई ने पिछले दो दशकों में खुद को एक ग्लैमरस और सुरक्षित शहर के रूप में पेश किया है।

1999 में बुर्ज अल अरब जैसे आइकॉनिक होटल से लेकर पाम जुमेराह जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स ने इसे दुनिया के प्रमुख पर्यटन केंद्रों में शामिल कर दिया।

यहां हर 10 में से 1 हीरा तैयार होता है जैसी पहचान की तरह, दुबई ने भी खुद को वैश्विक व्यापार और पर्यटन का केंद्र बना लिया।

ब्रिटेन के लोग दुबई के तीसरे सबसे बड़े टूरिस्ट समूह हैं और यहां करीब ढाई लाख ब्रिटिश नागरिक रहते हैं। 2024 में दुबई में विदेशी प्रॉपर्टी खरीदने वालों में 15% हिस्सेदारी ब्रिटिश नागरिकों की थी, जो भारतीयों के बाद दूसरे स्थान पर रहे।

दुबई क्यों बना ब्रिटिशों की पहली पसंद?

दुबई की सबसे बड़ी खासियत टैक्स फ्री इनकम है, लेकिन यही एक कारण नहीं है। यहां अंग्रेजी भाषा का व्यापक उपयोग, ब्रिटिश स्कूलों की उपलब्धता और ब्रिटिश खान-पान जैसी सुविधाएं लोगों को अपनेपन का एहसास देती हैं।

इसके अलावा, 2020 के बाद कई कानूनी सुधार भी हुए हैं, जैसे बिना शादी साथ रहने पर रोक हटाना। इससे विदेशी नागरिकों के लिए यहां रहना और आसान हो गया है।

ब्रेक्सिट के बाद ब्रिटेन में बढ़ते टैक्स और आर्थिक दबाव के चलते भी कई लोग दुबई की ओर शिफ्ट हुए हैं। यहां बिजनेस करना आसान है और लग्जरी लाइफस्टाइल भी मिलता है, जिससे यह हाई इनकम वालों के लिए खास आकर्षण बन गया है।

अब युद्ध ने बढ़ाई चिंता

हालांकि, अब ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच चल रहे युद्ध ने दुबई की इस छवि को झटका दिया है। क्षेत्र में बढ़ते तनाव से पर्यटन, व्यापार और यात्रा पर असर पड़ा है।

हाल ही में दुबई एयरपोर्ट पर हमले और एयरस्पेस बंद होने जैसी घटनाओं ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। ब्रिटिश एयरवेज ने जून तक अपनी उड़ानें रोक दी हैं, जिससे यात्रा प्रभावित हुई है।

कुछ ब्रिटिश परिवार अस्थायी रूप से दुबई छोड़ भी रहे हैं। एक ब्रिटिश नागरिक ने बताया कि वह अपनी छोटी बेटी की सुरक्षा को लेकर चिंतित होकर फिलहाल शहर छोड़ चुके हैं, हालांकि हालात सामान्य होने पर वापस आने की योजना है।

भविष्य को लेकर उम्मीद

दुबई की अर्थव्यवस्था में पर्यटन और रियल एस्टेट की बड़ी भूमिका है। 2031 तक 4 करोड़ पर्यटकों को आकर्षित करने का लक्ष्य रखा गया है और इसके लिए भारी निवेश भी किया जा रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर हालात जल्दी सामान्य हो जाते हैं तो दुबई फिर से तेजी से उभर सकता है। यहां पहले से बड़ी संख्या में बसे विदेशी नागरिक और उनके परिवार पर्यटन को बढ़ावा देंगे।

फिर भी, मौजूदा हालात ने यह साफ कर दिया है कि दुबई की सुरक्षित और स्थिर छवि अब वैश्विक राजनीति से अछूती नहीं रही। ऐसे में आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि यह शहर इस चुनौती से कैसे उबरता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *