पिछले 10 वर्षों में 25 करोड़ से अधिक लोग गरीबी के दायरे से बाहर निकले, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के विस्तार ने समाज को मजबूती प्रदान की…

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अगुआई में राजग सरकार की जन कल्याणकारी नीतियों और सामाजिक सुरक्षा पर जोर दिए जाने से पिछले दस वर्ष में 25 करोड़ से अधिक लोग बहुआयामी गरीबी से बाहर आए हैं।

एक बड़ी आबादी का जीवन स्तर बेहतर हुआ है। इसमें डायरेक्ट बेनेफिट ट्रांसफर (डीबीटी) जैसी पहलों का अहम योगदान रहा है।

डीबीटी के तहत पिछले नौ वर्षों के दौरान करीब 28 लाख करोड़ रुपये लाभार्थियों तक पहुंचाए गए हैं। उम्मीद है कि केंद्र सरकार 2026 में सामाजिक सुरक्षा कवरेज का विस्तार करेगी।

ग्रामीण और शहरी गरीबी में कमी

विश्व बैंक की रिपोर्ट में पाया गया है कि अत्यधिक गरीबी में आई तीव्र कमी व्यापक स्तर पर हुई है, जिसमें ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्र शामिल हैं। यह उपलब्धि भारत सरकार की समावेशी विकास के प्रति प्रतिबद्धता का प्रमाण है ।

निम्न मध्यम आय वालों की स्थिति

भारत ने निम्न मध्यम आय स्तर ( प्रति दिन 3 . 65 डालर) पर गरीबी कम करने में महत्वपूर्ण प्रगति की है। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों मैं इस व्यापक प्रगति से लाखों लोगों को लाभ हुआ है।

गरीबी कम करने में योगदान देने वाले राज्य

उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार, बंगाल व मध्य प्रदेश, 2011-12 में भारत के 65 प्रतिशत अत्यधिक गरीब लोगों का प्रतिनिधित्व करते थे। 2022-23 तक, इन राज्यों ने अत्यधिक गरीबी में समग्र गिरावट में दो-तिहाई योगदान दिया।

रोजगार वृद्धि

देश में 2021-22 के बाद से रोजगार वृद्धि में ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में सुधार हुआ है। 2021-22 से रोजगार वृद्धि कामकाजी उम्र की आबादी से अधिक रही है। वित्त वर्ष 2024-25 में शहरी बेरोजगारी घटकर 6.6 प्रतिशत हो गई जो 2017-18 के बाद सबसे कम है।

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