पुडुचेरी में 19 वर्षीय उभरती क्रिकेटर एंजल गंगवानी ने आत्महत्या कर ली। वह कॉलेज छात्रा थी और पुडुचेरी में क्रिकेट ट्रेनिंग ले रही थी। एंजल जीएसटी सुपरिंटेंडेंट कश्मीर कुमार की बेटी थी। परिवार पिछले 12 साल से चेन्नई में रह रहा था।
एंजल थिलासपेट के एक कोचिंग सेंटर में ट्रेनिंग ले रही थी। हाल ही में उसने थुतिपेट में पुडुचेरी T20 क्रिकेट टीम के लिए सिलेक्शन ट्रायल्स में हिस्सा लिया था। लेकिन फाइनल लिस्ट में जगह नहीं मिली। इस बात से वह काफी निराश हो गई थी।
पंखे से लटकी मिली लाश
क्रिकेटर के मकान मालिक की शिकायत के मुताबिक, बुधवार रात करीब 8 बजे प्रैक्टिस के बाद एंजल अपने कमरे में लौटी थी। देर रात जब उसके कोच ने उससे संपर्क करने की कोशिश की तो कोई जवाब नहीं मिला। कोच उसके घर पहुंचे और उसे कमरे में छत के पंखे से लटका हुआ पाया।
मकान मालिक और कोच ने उसे तुरंत कथिरकामम के सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
एंजल पिछले दो साल से पुडुचेरी में रह रही थी और सोक्कनाथनपेट में किराए के घर में रहती थी। वह बीबीए सेकंड ईयर की छात्रा थी और वेलरामपेट के एक प्राइवेट कॉलेज में पढ़ती थी।
क्रिकेट में मानसिक स्वास्थ्य की चुनौती
क्रिकेट में मानसिक स्वास्थ्य का मुद्दा अब पहले से कहीं अधिक चर्चा में है। खेल अब इतना दबावपूर्ण हो गया है कि हर खिलाड़ी पर लगातार नजर रहती है। परफॉर्मेंस की उम्मीदें, लगातार जांच-परख और करियर की अनिश्चितता उभरते खिलाड़ियों के मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा असर डालती है।
युवा और घरेलू स्तर के खिलाड़ियों को सिलेक्शन की अनिश्चितता, सीमित अवसर, आर्थिक अस्थिरता और टीम से बाहर होने का डर सताता रहता है। अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों के विपरीत, इनमें से ज्यादातर खिलाड़ियों के पास मानसिक स्वास्थ्य सहायता या सपोर्ट सिस्टम तक पहुंच नहीं होती।