भारत की सीमाओं को अभेद्य बनाने की तैयारी में अमित शाह, पाकिस्तान-बांग्लादेश बॉर्डर समेत सुरक्षा मजबूत करने का बड़ा प्लान…

भारत-बांग्लादेश सीमा को अभेद्य बनाने के ऐलान के बाद गृह व सहकारिता मंत्री अमित शाह जमीनी स्थिति का आकलन करने के लिए सीमाओं का दौरा करेंगे।

इसकी शुरूआत मंगलवार का राजस्थान में बीकानेर के पास सीमा चौकी का दौरा करने से होगी। बाद में शाह का गुजरात, त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल के सीमाओं का भी दौरा करने का कार्यक्रम है।

भारत के बॉर्डर राज्यों का दौरा करेंगे अमित शाह

शुक्रवार को बीएसएफ के एक कार्यक्रम के दौरान अमित शाह ने बताया था कि सीमाओं को अभेद्य बनाने के लिए ‘स्मार्ट बॉर्डर प्रोजेक्ट’ पर काम हो रहा है। इस प्रोजेक्ट के तहत पाकिस्तान और बांग्लादेश की पूरी सीमा पर ‘तकनीक आधारित स्मार्ट सिक्योरिटी ग्रिड’ खड़ी की जाएगी। इसका रोडमैप बनाने पर काम शुरू हो गया है।

‘स्मार्ट बॉर्डर प्रोजेक्ट’ में सीमाओं की निगरानी में ड्रोन, रडार, आधुनिक कैमरों का इस्तेमाल किया जाएगा। अगले एक साल में इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो जाएगा। गृह मंत्री अमित शाह अगले कुछ दिनों में भारत के बॉर्डर क्षेत्रों का प्रवास करेंगे और सुरक्षा संबधी बैठकें करेंगे।

गृहमंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार अमित शाह सोमवार की रात में बीकानेर पहुचेंगे और मंगलवार को बीएसएफ की सीमा चौकी सांचू का दौरा करेंगे। वहां पर तैनात सुरक्षा बलों से संवाद करेंगे और उनके लिए कल्याणकारी योजनाओं का उद्घाटन भी करेंगे।

इसके बाद बीकानेर में बॉर्डर क्षेत्र की सुरक्षा की समीक्षा करेंगे, जिसमें गृह मंत्रालय, राजस्थान सरकार, बीएसएफ के अधिकारी और पांच सीमावर्ती जिलों के जिला अधिकारी व पुलिस अधीक्षक उपस्थित रहेंगे।

राजस्थान के बाद अमित शाह 29 मई को गुजरात के भुज का प्रवास करेंगे। इस दौरान बीएसएफ की सीमा चौकी और हरामीनाले का भी दौरा करेंगे। उसके बाद शाह का पांच जून को त्रिपुरा में बॉर्डर क्षेत्र का प्रवास करने का कार्यक्रम है। साथ ही 15 जून के आसपास पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती इलाकों के दौरे का भी कार्यक्रम तैयार किया जा रहा है।

दरअसल नक्सलवाद को खत्म करने के बाद भारत को घुसपैठ से पूरी तरह से मुक्त करने के मिशन में जुट गए हैं। इसके तहत उन्होंने फरवरी में बिहार के सीमांचल में घुसपैठ से प्रभावित सात जिलों का दौरा किया था।

तीन दिन तक प्रवास के दौरान उन्होंने सातों जिलों के जिलाधिकारियों और पुलिस अधिक्षकों से बैठक पर घुसपैठ पर पूरी तरह से लगाम लगाने की रणनीति तैयार की थी। उनके राजस्थान, गुजरात, त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती इलाकों के दौरे को इसी से जोड़कर देखा जा रहा है।

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