ईरान पर फिर हमले की तैयारी में ट्रंप! बोले- कल भी कर सकते हैं सैन्य कार्रवाई…

पश्चिम एशिया में एक बार फिर युद्ध भड़कने की आशंका बढ़ गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने ईरान पर नए हमले की संभावना से इन्कार नहीं किया है। उन्होंने यहां तक कहा कि अमेरिका कभी भी कार्रवाई कर सकता है।

हालांकि, ट्रंप ने तेहरान के साथ एक बड़े समझौते की उम्मीद भी जताई है। दूसरी ओर, ईरान ने अमेरिका पर बातचीत में बाधा डालने का आरोप लगाते हुए कहा है कि सैन्य धमकियों से उसकी नीतियां नहीं बदलेंगी। इस बीच, होर्मुज स्ट्रेट को फिर खोलने के लिए ईरान की ओर से नया प्रस्ताव दिए जाने की खबरों को तेहरान ने खारिज कर दिया है।

‘इसकी संभावना है’

न्यूज एजेंसी एपी के अनुसार, शनिवार को पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप से पूछा गया कि अमेरिका ईरान पर दोबारा हमला करने के कितना करीब है। इस पर उन्होंने कहा, “क्या आपको सच में लगता है कि अगर मैं ऐसा करने वाला हूं, तो आपको बता दूंगा? शायद कल। इसकी संभावना है।” हालांकि, उन्होंने साथ ही कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच एक बहुत अच्छा समझौता भी हो सकता है।

ट्रंप ने दावा किया कि ईरान समझौता करना चाहता है, लेकिन सवाल यह है कि क्या वह अपनी प्रतिबद्धताओं पर कायम रहेगा। इससे पहले उन्होंने इंटरनेट मीडिया पर संकेत दिया था कि तीन नवंबर को होने वाले अमेरिकी मध्यावधि चुनाव से पहले ईरान पर दोबारा हमला नहीं किया जाएगा। अब उनके ताजा बयान ने सैन्य कार्रवाई की समयसीमा को लेकर अनिश्चितता बढ़ा दी है।

ईरान बोला, अमेरिका ने बातचीत में डाली बाधा

न्यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने अमेरिका पर युद्ध समाप्त करने के लिए चल रही बातचीत को बाधित करने का आरोप लगाया है। सरकारी टेलीविजन पर प्रसारित बयान में उन्होंने कहा कि ईरान के सर्वोच्च नेता ने अधिकारियों को समझौता पूरा करने के निर्देश दिए थे, लेकिन अमेरिका ने बातचीत के दौरान नियम तोड़े और प्रक्रिया में रुकावट डाली।

ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकर गलीबाफ ने भी अमेरिका को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि गलत आकलन करके ईरान के खिलाफ युद्ध शुरू करने के कारण वाशिंगटन खुद संकट में फंस गया है। अब इस स्थिति से निकलने की जिम्मेदारी भी उसी की है।

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि युद्ध की नई धमकियां तेहरान की नीतियों को नहीं बदल सकतीं। उन्होंने फारस की खाड़ी के अरब देशों के साथ सहयोग की इच्छा भी जताई।

होर्मुज पर प्रस्ताव को लेकर अलग-अलग दावे

ईरान और अमेरिका के बीच तनाव का एक प्रमुख केंद्र होर्मुज स्ट्रेट है, जो वैश्विक तेल आपूर्ति के लिहाज से बेहद अहम समुद्री मार्ग है। खबरों में दावा किया गया था कि ईरान ने पाकिस्तानी मध्यस्थों के जरिये अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी हटाने के बदले होर्मुज को फिर खोलने का प्रस्ताव दिया है।

हालांकि, ईरान की अर्धसरकारी तस्नीम समाचार एजेंसी ने सूत्रों के हवाले से कहा कि तेहरान ने पाकिस्तान के सामने कोई नया प्रस्ताव नहीं रखा है। दूसरी ओर, पाकिस्तान में ईरान के राजदूत ने शनिवार को कहा था कि उनका देश अमेरिकी नाकेबंदी हटने की शर्त पर होर्मुज को खोलने के लिए तैयार है।

ईरान का अमेरिकी ड्रोन गिराने का दावा

न्यूज एजेंसी आईएएनएस के अनुसार, बढ़ते तनाव के बीच ईरानी सेना ने रविवार को दावा किया कि उसने दक्षिणी बंदरगाह शहर बंदर अब्बास के ऊपर एक अमेरिकी लुकास ड्रोन को मार गिराया। यह जानकारी ईरान की तस्नीम समाचार एजेंसी के हवाले से सामने आई। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और अमेरिकी पक्ष की प्रतिक्रिया भी सामने नहीं आई थी।

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