अमेरिका के टेक्सस में 1988 के बाद पहली बार टूटा रिपब्लिकन का गढ़, जेम्स टालारिको ने जीता चुनाव…

अमेरिका के मध्यावधि चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी को बड़ी सफलता मिली है। इसी कड़ी में डेमोक्रेट ने टेक्सस में चार दशक से चले आ रहे रिपब्लिकन पार्टी के दबदबे को खत्म कर दिया है।

डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार जेम्स टालारिको को टेक्सास में मिली जीत पार्टी के लिए ऐतिहासिक जीत मानी जा रही है। जेम्स ने रिपब्लिकन केन पैक्सटन को हराकर राज्य के अमेरिकी सीनेट चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी के लगभग चार दशकों के दबदबे को खत्म कर दिया है।

आखिरी बार 1988 में लॉयड बेंटसेन ने जीता था चुनाव

यहां पर मिली जेम्स की जीत से राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप को बड़ा झटका लगा है। 37 वर्षीय जेम्स की यह जीत इसलिए भी मायने रखती है क्योंकि 1988 के बाद टेक्सास सीनेट चुनाव जीतने वाले वे पहले डेमोक्रेट हैं। 1988 में लॉयड बेंटसेन ने आखिरी बार इस पद के लिए फिर से जीत हासिल की थी।

डेमोक्रेट्स से लिए शानदार कामयाबी

डेमोक्रेट्स के लिए यह एक शानदार कामयाबी है, खासकर ऐसे राज्य में जहां दो साल पहले ही ट्रंप ने दोहरे अंकों के अंतर से जीत दर्ज की थी। टालारिको की जीत, ट्रंप के उस फैसले को भी खारिज करती है जिसमें उन्होंने रिपब्लिकन प्राइमरी के दौरान मौजूदा सीनेटर जॉन कॉर्निन के बजाय पैक्सटन का समर्थन किया था।

वहीं, पार्टी नेताओं ने चेतावनी दी थी कि पूर्व अटॉर्नी जनरल पैक्सटन से जुड़े विवाद इस सीट पर पार्टी की जीत को खतरे में डाल सकते हैं।

ऐसे बनाई जीत की रणनीति

मिडिल स्कूल के पूर्व शिक्षक और प्रेस्बिटेरियन सेमिनरी के छात्र, जेम्स तालारिको ने अपने चुनाव अभियान का आधार एक ऐसे जनता से जुड़े संदेश को बनाया, जिसमें उन्होंने बढ़ती जीवन-लागत, राजनीतिक भ्रष्टाचार और अमीर दानदाताओं के प्रभाव पर ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने राजनीतिक गुटबाजी या समाज को बांटने वाले सांस्कृतिक मुद्दों पर जोर नहीं दिया।

उन्होंने स्वतंत्र और रिपब्लिकन पार्टी से निराश हो चुके मतदाताओं को अपनी ओर आकर्षित करने की भरपूर कोशिश की। उनका मुख्य तर्क यह था कि देश में सबसे बड़ा विभाजन राजनीतिक ‘लेफ्ट’ (वामपंथ) और ‘राइट’ (दक्षिणपंथ) के बीच नहीं, बल्कि अमीर और आम अमेरिकियों के बीच है।

ट्रंप को झटका

उन्होंने बार-बार अरबपतियों पर राजनीति को प्रभावित करने के लिए अपने पैसे का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। इसके साथ ही उन्होंने ये तर्क दिया कि शक्तिशाली हितों ने मेहनतकश परिवारों को बढ़ती कीमतों से जूझने के लिए मजबूर कर दिया है। रिपब्लिकन पार्टी के लिए टेक्सस का हाथ से निकल जाना 2028 के राष्ट्रपति चुनाव से पहले एक गंभीर चेतावनी है।

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