तृणमूल कांग्रेस का दामन छोड़कर एक अलग राजनीतिक दल ‘नेशनलिस्ट सिटीजंस पार्टी आफ इंडिया’ (एनसीपीआई) में शामिल होने वाले 20 बागी सांसदों के साथ मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी मंगलवार को दिल्ली के बंग भवन में एक महत्वपूर्ण बैठक कर सकते हैं।
लोकसभा चुनाव में तृणमूल के टिकट पर जीत दर्ज करने वाले इन सांसदों ने बाद में पाला बदल लिया था और अब यह नया दल भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) का हिस्सा बन चुका है।
हालांकि, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला द्वारा अभी तक इस दल-बदल को आधिकारिक मान्यता नहीं दी गई है, जिससे तृणमूल कांग्रेस के ममता खेमे में भारी नाराजगी है।
लोकसभा अध्यक्ष से सदस्यता रद करने की मांग
तृणमूल नेतृत्व ने कालीघाट से लेकर दिल्ली तक इस दल-बदल को अवैध बताते हुए लोकसभा अध्यक्ष के समक्ष इन सांसदों की सदस्यता रद करने की पुरजोर मांग उठाई थी।
इसके बावजूद लोकसभा सचिवालय की ओर से अब तक कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। इसी राजनीतिक खींचतान के बीच मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की इस बैठक को बेहद अहम माना जा रहा है।
बैठक में इन बातों पर हो सकती है चर्चा
मंगलवार दोपहर एक बजे होने वाली इस बैठक में मुख्य रूप से सांसद निधि के फंड के सही इस्तेमाल, राज्य सरकार के साथ बेहतर प्रशासनिक समन्वय और आगामी संसद के सत्र में उठाए जाने वाले मुद्दों पर विस्तार से चर्चा होने की संभावना है। बीरभूम की सांसद शताब्दी राय ने इस बैठक की पुष्टि की है। राजनीतिक गलियारों में इस हाई-प्रोफाइल बैठक को लेकर सरगर्मी तेज हो गई है, क्योंकि यह एनडीए के नए समीकरणों के लिहाज से एक बड़ा कदम साबित हो सकता है।