कांग्रेस नेतृत्व ने केरलम में मुख्यमंत्री तय करने के लिए निर्णायक अंतिम दौर का विचार-विमर्श तेज कर दिया है।
लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने इस क्रम में मंगलवार को केरलम प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्षों समेत आधा दर्जन वरिष्ठ नेताओं से राज्य की सत्ता के नए नेतृत्व की पसंद को लेकर उनसे चर्चा की।
अब कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी पार्टी संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी से मशविरा कर मुख्यमंत्री का नाम तय करेंगे। पार्टी ने साफ संकेत दिए हैं कि अगले चौबीस घंटे में केरलम के मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा कर दी जाएगी।
कांग्रेस हाईकमान से मंगलवार को हुई चर्चा के बाद केरलम कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष के मुरलीधरन ने भी साफ कहा कि मंगलवार रात या बुधवार सुबह तक मुख्यमंत्री के नाम का एलान हो जाएगा। मुख्यमंत्री का नाम तय करने को लेकर अंतिम दौर की मंत्रणा के क्रम में राहुल गांधी ने मंगलवार को मुरलीधरन समेत कई नेताओं से दस जनपथ पर अलग-अलग बातचीत कर उनकी राय जानी।
मुरलीधरन ने यह भी कहा कि मल्लिकार्जुन खरगे के शाम को बेंगलुरु से लौटने के बाद बातचीत का एक और दौर होगा और वे सोनिया गांधी) से भी बात करेंगे। इसके बाद देर रात या बुधवार सुबह तक सीएम के नाम का एलान हो जाएगा।
राहुल गांधी ने केरलम कांग्रेस के जिन अन्य प्रमुख नेताओं से बातचीत की उसमें पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के सुधारकरन, एम एम हसन, प्रदेश अनुशासन समिति के प्रमुख टी राधाकृष्णन, प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष शफी परम्बिल, वीएम सुधीरन, एपी अनिल कुमार आदि शामिल थे।
केरलम के मुख्यमंत्री पद की रेस में विधायकों की पसंद के हिसाब से कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल का पलड़ा भारी है जिन्हें कांग्रेस के नए चुने गए 63 विधायकों में से 43 का समर्थन हासिल है।
उनके मुकाबले दूसरे प्रबल दावेदार वीडी सतीशन जमीनी लोकप्रियता और सहयोगी दलों की पसंद के तौर पर वेणुगोपाल के लिए कड़ी चुनौती पेश कर रहे हैं। जबकि इस होड़ में शामिल तीसरे उम्मीदवार रमेश चेन्निथेला ने अपनी दावेदारी किस्मत और कांग्रेस हाईकमान पर छोड़ दी है।
खरगे और राहुल गांधी ने बीते शनिवार से ही केरलम में सीएम का नाम तय करने के लिए विचार विमर्श का सिलसिला शुरू किया था। पार्टी नेतृत्व ने इस क्रम में वेणुगोपाल, सतीशन और चेन्निथेला तीनों से लंबी चर्चा की मगर किसी एक नाम पर निर्णायक फैसला नहीं लिया जा सका। इसीलिए मंगलवार को केरलम के पार्टी नेताओं संग निर्णायक दूसरे दौर की बातचीत शुरू हुई।
बेशक विधायकों की राय के चलते मुख्यमंत्री की दावेदारी में वेणुगोपाल का पलड़ा स्पष्ट रूप से भारी है मगर लोगों की भावनाओं और संगठन की जरूरतों का ध्यान रखने की अहमियत भी कांग्रेस के लिए कम महत्वपूर्ण नहीं है।सोनिया गांधी और वायनाड से लोकसभा सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा इस पहलु की अनदेखी नहीं किए जाने की पक्षधर बतायी जाती हैं।
मुख्यमंत्री तय करने की इस मशक्कत में कांग्रेस नेतृत्व जैसी सावधानी बरत रहा है उसमें वेणुगोपाल के लिए रास्ता बनाने की कवायद नजर आ रही है।