गुलाम जम्मू-कश्मीर में इस वक्त खौफनाक सन्नाटा पसरा है।
अपनों को खोने का दर्द और हक की आवाज को बंदूकों के दम पर कुचलने की दास्तान वहां की हर वीरान सड़क बयां कर रही है।
ज्वॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (जेएएसी) के विरोध प्रदर्शन के आह्वान के बाद पूरे इलाके में बाजार बंद हैं और गलियां सुनसान हैं।
हाल ही में शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे लोगों पर सेना की अंधाधुंध फायरिंग में 20 से अधिक बेगुनाहों की जान जा चुकी है, जिससे स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश और मातम है।
वकील अमजद अली खान की गिरफ्तारी का विरोध
तनाव के बीच, भीमबर से लगभग दो हजार प्रदर्शनकारियों ने मुजफ्फराबाद की ओर मार्च शुरू कर दिया है। मीरपुर के कायदे-आजम स्टेडियम में सैकड़ों लोग जमा हुए, जहां चक्का जाम और पूर्ण बंदी है।
जेएएसी पर सरकार ने प्रतिबंध लगा दिया है, लेकिन जनता का हौसला नहीं टूटा है। वहीं, वरिष्ठ वकील अमजद अली खान की गिरफ्तारी के विरोध में वकीलों ने अदालतों का बहिष्कार कर दिया है।
पाकिस्तानी हुक्मरानों ने पार की जुल्म की सारी हदें
हक की जंग और सरकार का क्रूर दमन यह पूरी लड़ाई सस्ते आटे और बिजली जैसी बुनियादी जरूरतों को लेकर शुरू हुई थी, जिसे दबाने के लिए पाकिस्तानी हुक्मरानों ने जुल्म की सारी हदें पार कर दीं।
पाकिस्तान के मानवाधिकार संगठन ने भी इस हिंसा पर गहरी चिंता जताई है। खुद को पाक-साफ दिखाने की कोशिश में पीओजेके के प्रधानमंत्री फैसल मुमताज राठौर अब बातचीत की गुहार लगा रहे हैं।
जेएएसी लंबे समय से पीओजेके की विधानसभा में 12 “शरणार्थी सीटों” को खत्म करने की मांग कर रहा है। ये सीटें कश्मीर के उन शरणार्थियों के लिए आरक्षित हैं जो 1947 के बाद पाकिस्तान में बस गए थे।
दूसरी ओर, दमनकारी प्रशासन ने जेएएसी के शीर्ष नेताओं की गिरफ्तारी पर एक करोड़ रुपये के इनाम की घोषणा की है, जो उनकी बौखलाहट को दर्शाता है।
भारतीय एजेंसियां अलर्ट, घुसपैठ की आशंका
पीओजेके के इस आंतरिक संकट और नरसंहार जैसी स्थिति से ध्यान भटकाने के लिए पाकिस्तान अब अपनी पुरानी और नापाक चालें चल सकता है।
भारतीय खुफिया एजेंसियों (आईबी) ने चेतावनी दी है कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई इस अराजकता की आड़ में नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर आतंकियों की घुसपैठ करा सकती है और जम्मू-कश्मीर समेत भारत के अन्य हिस्सों में अशांति फैलाने के लिए आत्मघाती हमले या दुष्प्रचार का सहारा ले सकती है। पीओजेके के आतंकी लांच पैड्स को सक्रिय कर दिया गया है, जिसे देखते हुए भारतीय सुरक्षा बल हाई अलर्ट पर हैं।