कनाडा में नियमों की अनदेखी महंगी पड़ी: 2025 में 2800 भारतीयों को देश से निकाला, 6500 और जांच के दायरे में…

कनाडा ने 2025 के पहले 10 महीनों में 18,500 से अधिक लोगों देश से बाहर निकाला है। इसमें सबसे ज्यादा 3,972 लोग मेक्सिको के थे। जबकि दूसरे नंबर पर भारत था, 2025 अक्टूबर तक कनाडा से 2,831 भारतीय नागरिकों को निकाला गया।

दरअसल, यह आकड़ा कनाडाई सीमा सेवा एजेंसी (सीबीएसए) द्वारा जारी किया गया है। कनाडा से निकाले गए लोगों में से बड़ी संख्या में लोगों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज थे।

लेकिन इसमें सबसे ज्यादा निष्कासन करने की वजह शरणार्थी आवेदकों द्वारा नियमों का पालन न करना रहा।

कनाडा ने कनाडा से 2,831 भारतीय नागरिकों को निकाला है। इतना ही नहीं कनाडा द्वारा अभी भी 29,542 अन्य लोगों को निष्कासित करने की प्रक्रिया जारी है।

जिनमें 6,515 भारतीय भी शामिल हैं। यानी कुल मिलाकर आने वाले समय में और भी भारतीयों पर कार्रवाई हो सकती है।

कनाडा तीन तरीके से लोगों को करता है बाहर

आव्रजन नियमों के तहत, कनाडा में तीन तरीके से लोगों को देश से निकाला जाता है- डिपार्चर ऑर्डर, एक्सक्लूजन ऑर्डर और डिपोर्टेशन ऑर्डर।

2025 में, कनाडा ने डिपार्चर ऑर्डर के माध्यम से 3,982 लोगों को, एक्सक्लूजन ऑर्डर के माध्यम से 5,821 लोगों को और डिपोर्टेशन ऑर्डर के माध्यम से 8,982 लोगों को निष्कासित किया।

डिपार्चर ऑर्डर

डिपार्चर ऑर्डर जिस इंसान पर लागू होता है, उसे 30 दिनों के भीतर कनाडा छोड़ना होता है, अगर वह इस दौरान देश नहीं छोड़ता है तो यह आदेश डिपोर्टेशन ऑर्डर में बदल जाता है।

एक्सक्लूजन ऑर्डर

एक्सक्लूजन ऑर्डर जिस व्यक्ति पर लागू होता है, उसे एक साल तक कनाडा लौटने की इजाजत नहीं होती। अगर मामला मिसरिप्रेजेंटेशन से संबंधित हो तो 5 साल तक वापसी पर रोक लग सकती है।

डिपोर्टेशन ऑर्डर

यह कनाडा का सबसे सख्त आदेश होता है। यह जिस पर लागू होता है, उसे कनाडा वापस आने पर स्थायी रोक लग जाती है। दोबारा आने के लिए लिखित इजाजत लेना जरूरी होता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *