अगर यह मामला चुनावी बहस का केंद्र बनता है, तो मिड-टर्म चुनाव में इसके नतीजे ट्रंप और उनकी पार्टी के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो सकते हैं…

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने अपने दूसरे कार्यकाल में टैरिफ को केंद्र में बना रखा है और दूसरे देशों के साथ व्यापार समझौते में इसका जमकर इस्तेमाल किया है। अब अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने उनके टैरिफ को अवैध करार दिया है।

ट्रंप पर भारी पड़ सकता है फैसला

यह फैसला उन पर भारी पड़ सकता है और उन्हें इसकी कीमत चुकानी पड़ सकती है, क्योंकि देश में इसी वर्ष मध्यावधि चुनाव होने वाले हैं। ट्रंप इस वर्ष देश में होने वाले मध्याविध चुनाव में मतदाताओं को लुभाने के लिए अपने आर्थिक प्रस्तावों में टैरिफ को आधार बनाया है। उन्होंने वादा किया है कि विदेश से फैक्टि्रयां यहां स्थानांतरित होंगी और अपने साथ नौकरियां भी लाएंगी।

रिपब्लिकन रणनीतिका ने कही बड़ी बात 

इसके साथ ही यह चेतावनी भी दे रखी है कि अगर टैरिफ को हटाया गया तो अमेरिका गहरे मंदी में फंस सकता है। लेकिन शुक्रवार का फैसला चुनावी वर्ष के दौरान अंतरराष्ट्रीय व्यापार को लेकर राजनीतिक और आर्थिक अव्यवस्था को बढ़ा सकता है। रिपब्लिकन रणनीतिकार डग हेये ने कहा कि राष्ट्रपति इस फैसले से खुश नहीं होने वाले हैं।

इस समय बहुत सारे सवाल हैं। यह बड़ा झटका है। लेकिन ट्रंप अपने व्यापार एजेंडे को बढ़ाने के लिए कोई दूसरा रास्ता तलाश सकते हैं।

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