इजरायल-लेबनान सीमा पर तनाव का माहौल लगातार बना हुआ है।
शांति वार्ताएं चल रही हैं, लेकिन इजरायली सैन्य अधिकारी स्पष्ट रूप से कह रहे हैं कि हिजबुल्लाह की तरफ से इजरायली निर्दोष नागरिकों पर हमले रुकने के कोई संकेत नहीं मिल रहे। अगर हमले जारी रहे तो इजरायल फिर से लेबनान में घुसपैठ की कार्रवाई कर सकता है।
दो दिन पहले, यानी 27 मई 2026 को गैलीली क्षेत्र में हुए हमले में एक महिला इजरायली सैनिक की मौत हो गई और तीन अन्य घायल हुए।
इस घटना ने सीमा क्षेत्र में रहने वाले निवासियों में फिर से भय का माहौल पैदा कर दिया है। स्थानीय लोग बताते हैं कि सायरन की आवाज अब रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन गई है।
बार-बार सीजफायर उल्लंघन
28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमले ईरान पर शुरू हुए, जिसमें ईरानी सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई समेत कई शीर्ष अधिकारी मारे गए।
इसके तुरंत बाद लेबनान-इजरायल सीमा पर युद्ध जैसे हालात बन गए, क्योंकि ईरान समर्थित हिजबुल्लाह ने इजरायल पर मिसाइल और ड्रोन हमले तेज कर दिए।
17 अप्रैल 2026 को दोनों पक्षों के बीच अस्थायी सीजफायर की सहमति बनी, लेकिन इसके बावजूद कुल 1500 से ज्यादा युद्धविराम उल्लंघन दर्ज किए जा चुके हैं, जिनमें से करीब 400 लेबनान सीमा पर हुए हैं। इन उल्लंघनों में ड्रोन हमले, रॉकेट फायरिंग और सीमा पार घुसपैठ की कोशिशें शामिल हैं।
हिजबुल्लाह के कई ठिकानों पर हमला
इजरायली सेना की तरफ से भी लगातार इसका कार्रवाई की जा रही है। इजरायली सेना का दावा है कि उन्होंने हिजबुल्लाह के कई ठिकानों को निशाना बनाया, जबकि लेबनान की तरफ से इजरायली हवाई उल्लंघनों की शिकायतें लगातार आ रही हैं। यूनाइटेड नेशंस इंटरिम फोर्स इन लेबनान ने भी हजारों उल्लंघनों का जिक्र किया है, जिसका असर शांति स्थापित करने की कोशिशों पर भी है।