‘तू कौन है, देख लूंगा… बाहर मैदान में आओ’ – राजस्थान में भटकी विकास की ‘दिशा’, बैठक बनी अखाड़ा…

लोकतंत्र की बुनियाद संवाद और सहमति पर टिकी होती है, लेकिन सोमवार को राजस्थान में डूंगरपुर जिला परिषद सभागार में ‘दिशा’ (जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति) की बैठक ने इस सिद्धांत को कठघरे में खड़ा कर दिया।

जिले के विकास की समीक्षा के लिए बुलाई गई बैठक उस समय अखाड़े में बदल गई, जब डूंगरपुर-बांसवाड़ा सांसद राजकुमार रोत (बीएपी) और उदयपुर सांसद मन्नालाल रावत (भाजपा) के बीच तीखी बहस हाथापाई की नौबत तक पहुंच गई।

चढ़ा सियासी पारा

बैठक की शुरुआत सुबह 11 बजे शांतिपूर्ण ढंग से हुई। स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के बाद जैसे ही जलदाय विभाग के मुद्दे आए, सियासी पारा चढ़ गया।

सांसद मन्नालाल रावत ने आपत्ति जताई कि बैठक में केवल केंद्र सरकार की योजनाओं की समीक्षा होनी चाहिए, न कि राज्य या स्थानीय मुद्दों की।

इस पर बैठक की अध्यक्षता कर रहे सांसद राजकुमार रोत भड़क गए और कहा कि वह अध्यक्ष हैं तथा जनता से जुड़ा हर मुद्दा इसी मंच पर उठेगा।

दोनों सांसद आए आमने-सामने

सभागार में मची अफरा-तफरीनियमों की व्याख्या से शुरू हुई बहस जल्द ही व्यक्तिगत आरोपों में बदल गई। ‘गाइडलाइन पढ़कर आओ’ से बात ‘तू कौन है’ और ‘देख लूंगा’ जैसी धमकियों तक जा पहुंची।

दोनों सांसद कुर्सियों से उठकर आमने-सामने आ गए। इसी दौरान आसपुर विधायक उमेश डामोर ने भी भरे सदन में ‘बाहर मैदान में आ जाओ’ जैसी ललकार लगाकर माहौल और भड़का दिया।

करीब 20 मिनट तक सभागार में अफरा-तफरी रही, जिसे सुरक्षाकर्मियों ने किसी तरह संभाला।

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