ट्रंप की गाजा पीस डील के बाद हमास और इजरायल के बीच शांति की शुरुआत हो चुकी है। लेकिन अभी भी मामला मृत बंधकों के अवशेषों पर फंसा हुआ है।
इजरायल लगातार इस बात पर जोर दे रहा है कि जब तक सभी मृत बंधकों के अवशेष वापस नहीं आ जाते, तब तक शांति नहीं हो सकती।
इसी उठापटक के बीच शनिवार को विश्व स्वास्थ्य संगठन और काहिरा स्थित फिलिस्तीनी दूतावास ने घोषणा कर दी कि मिस्त्र और गाजा सीमा के बीच स्थित राफा क्रासिंग को सोमवार से खोल दिया जाएगा।
अब इस घोषणा पर इजारायल की तरफ से वीटो कर दिया गया है। नेतन्याहू ने कुछ घंटों बाद ही कहा कि अगली सूचना तक यह क्रॉसिंग बंद ही रहेगी।
इजरायली पीएम के कार्यालय की तरफ से जारी बयान में कहा गया कि क्रॉसिंग खोलना है या नहीं यह हमास के व्यवहार पर निर्भर करता है।
हमास अगर मृत बंधकों को वापस करने और साइन की गई डील पर अपनी सहमति दिखाता है, तो क्रॉसिंग खोल दी जाएगी।
गौरतलब है कि राफा क्रॉसिंग मई 2024 से बंद है। इसके फिर से खुलने के बाद मिस्र में रहने वाले फिलिस्तीनी नागरिक वापस गाजा पट्टी में आ सकेंगे, इसके अलावा बहुत सारी मदद भी गाजा में पहुंच सकेगी।
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, 2024 में इजरायली सेना ने इस क्रॉसिंग पर गाजा की तरफ से कब्जा करके बंद कर दिया था। हालांकि, 2025 की शुरुआत में जब कुछ शर्तों के साथ दोनों पक्षों में संघर्ष विराम हुआ था, तो उस वक्त इसे फिर से खोल दिया गया था।
एपी की रिपोर्ट के मुताबिक, फिलिस्तीनियों की सहायता करने के लिए उत्साहित दुनिया के कई देश और संगठन राफा क्रॉसिंग के खुलने का इंतजार कर रहे हैं।
इस क्रॉसिंग पर युद्ध के पहले इजरायल का कब्जा नहीं था। ऐसे में यह गाजा पट्टी और हमास के लिए एक जीवन रेखा का काम करती थी। राफा क्रॉसिंग खुलने को लेकर उत्साहित संयुक्त राष्ट्र सहायता के प्रमुख टॉम फ्लेचर ने गुरुवार को कहा कि वह राफा की तरफ ही जा रहे हैं।
उन्हें उम्मीद है कि शांति समझौते के लागू होने के बाद गाजा पट्टी के लोगों की सहायता में भारी वृद्धि होगी और यह पूरा रास्ता मदद करने वालों के ट्रकों से भरा होगा।
आपको बता दें कि राफा क्रासिंग इसलिए और भी ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाती है क्योंकि गाजा से बाहर जाने या बाहर से आने के लिए 4 रास्ते और हैं। लेकिन वह रास्ते इजरायल की तरफ जाते हैं। केवल यह एक रास्ता ऐसा है, जो दूसरे पड़ोसी देश की तरफ जाता है।
अभी तक कितने बंधकों के शव वापस आए
इजरायली सेना द्वारा शनिवार को जारी किए गए एक बयान में कहा गया कि गाजा से अभी तक कुल 9 बंधकों के अवशेष वापस आ चुके हैं।
शुक्रवार को एक और बंधक का शव रेडक्रॉस को सौंपा गया। फॉरेंसिक जांच के बाद अगर यह पुष्टि हो जाती है कि यह किसी बंधक का ही शव है, तो फिर यह दसवां होगा।
इजरायल में इस बात को लेकर रोष है कि हमास ने पिछले हफ्ते हुए युद्धविराम समझौते के अनुरूप सभी शव वापस नहीं किए हैं।
वहीं अमेरिका इस समझौते का उल्लंघन नहीं मानता है। आईडीएफ ने शुक्रवार को कहा कि हमास को समझौते का पालन करना चाहिए और सभी बंधकों को वापस करने के लिए आवश्यक कदम उठाने चाहिए।
उधर, हमास ने कहा है कि वह युद्धविराम के प्रति प्रतिबद्ध है, जिसमें बाकी बचे सभी शवों को सौंपने की तत्परता” भी शामिल है।