प्रियंका प्रसाद (ज्योतिष सलाहकार): केवल व्हाट्सएप मेसेज 94064 20131
इस साल 18 अक्टूबर के दिन धनतेरस मनाया जा रहा है।
धनतेरस के दिन मां लक्ष्मी, कुबेर जी और भगवान धन्वन्तरि की पूजा करने का विधान है। इस दिन को भगवान धन्वन्तरि, आयुर्वेद के देवता के जन्म के रूप में भी मनाया जाता है।
धनतेरस की पूजा संध्या के समय त्रयोदशी तिथि में की जाती है। इस दिन खरीदारी करने का विशेष महत्व है।
धनतेरस की खरीदारी फलदायक मनाई जाती है। इस दिन विधि-विधान के साथ मां लक्ष्मी की पूजा करने से धन-समृद्धि बनी रहती है व भगवान धन्वन्तरि की पूजा करने से सेहत अच्छी बनी रहती है। आइए जानते हैं धनतेरस पर पूजा व दीपदान की विधि-
धनतेरस पर कैसे करें कुबेर और मां लक्ष्मी पूजा
धनतेरस के दिन सुबह जल्दी और उठें और स्नान करने के बाद साफ वस्त्र धारण करें। इसके बाद मंदिर की सफाई करें। सूर्य देव को जल अर्पित करें। चौकी पर मां लक्ष्मी, भगवान धनवंतरी और कुबेर जी की मूर्ति या फोटो को विराजमान करें। दीपक जलाकर चंदन का तिलक लगाएं।
इसके पश्चात मिठाई और फल समेत आदि चीजों का भोग लगाएं। श्रद्धा अनुसार दान करें। इसके बाद आरती करें। कुबेर जी के मंत्र ओम ह्रीं कुबेराय नमः का 108 बार जाप करें। धनवंतरी स्तोत्र का पाठ करें।
जानें दीपदान करने की विधि
-नरक चतुर्दशी के दिन घर के सबसे बड़े सदस्य को यम के नाम का एक बड़ा दीपक जलाना चाहिए।
– इस दीपक को पूरे घर में घुमाना चाहिए।
– अब घर से बाहर जाकर दूर इस दीपक को रख आएं।
– घर के दूसरे सदस्यों को इस दौरान घर के अंदर रहना चाहिए और उन्हें यह दीपक नहीं देखना चाहिए।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।