प्रियंका प्रसाद (ज्योतिष सलाहकार): केवल व्हाट्सएप मेसेज 94064 20131
हर साल कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को करवा चौथ का व्रत कार्तिक महीने में रखा जाता है।
यह व्रत सुहाग की कामना के लिए रखते हैं, जिसमें शिव परिवार, करवा माता, और चंद्र देव की पूजा होती है। पंचांग के अनुसार, 10 अक्टूबर को करवा चौथ की संध्या पूजा की जाएगी।
स्त्रियां अपने पति की लंबी उम्र और रोमांटिक मैरिड लाइफ के लिए निर्जला व्रत रखती हैं। व्रत का पारण चांद निकलने पर किया जाता है।
इस साल करवाचौथ पर सिद्धि योग एवं रोहिणी नक्षत्र के संयोग में पूजा की जाएगी। 10 अक्टूबर को चतुर्थी तिथि शाम 7.37 बजे तक रहेगी।
इस दिन चंद्र देव पूर्ण रूप से वृषभ राशि में विराजमान रहेंगे। चंद्रोदय रात्रि 8.13 बजे होगा। करवा चौथ पर विधि-विधान के साथ नियमों का ध्यान रखकर पूजा करने का विधान है।
आइए जानते हैं करवा चौथ की पूजा करने का सही तरीका-
स्टेप-2 स्नान आदि कर सूर्योदय से पहले सरगी का सेवन करें।
स्टेप-3 देवी-देवताओं को प्रणाम कर व्रत रखने का संकल्प लें।
स्टेप-4 करवा चौथ मैं विशेष तौर पर संध्या पूजा की जाती है। शाम से पहले ही गेरू से फलक पूजा स्थान पर बना लें।
स्टेप-5 फिर चावल के आटे से फलक पर करवा का चित्र बनाएं। इसके बजाय आप प्रिंटेड कैलेंडर का इस्तेमाल भी कर सकती हैं।
स्टेप-6 पूजा शुरू करने से पहले गणेश जी को प्रणाम करें।
स्टेप-7 संध्या के समय शुभ मुहूर्त में फलक के स्थान पर चौक स्थापित करें।
स्टेप-8 अब चौक पर भगवान शिव और मां पार्वती के गोद में बैठे प्रभु गणेश के चित्र की स्थापना करें।
स्टेप-9 मिट्टी के करवा में जल भर कर पूजा स्थान पर रखें।
स्टेप- 10 वायना (भेंट) देने के लिए मिट्टी का टोंटीदार करवा लें। करवा में गेहूं और ढक्कन में शक्कर का बूरा भर दें। उसके ऊपर दक्षिणा रखें।
स्टेप- 11 करवा पर स्वस्तिक का चिन्ह बनाएं।
स्टेप- 12 अब भगवान श्री गणेश, मां गौरी, भगवान शिव और चंद्र देव का ध्यान कर जलाभिषेक करें। धूप, चंदन, अक्षत, पुष्प, दूर्वा, दीपक से पूजा करें।
स्टेप- 13 मां पार्वती को श्रृंगार सामग्री अर्पित करें।
स्टेप-14 करवा चौथ व्रत की कथा सुनें।
स्टेप-15 करवा पर बिंदी रखें और गेहूं या चावल के दाने हाथ में लेकर करवा चौथ की कथा कहें या सुनें।
स्टेप-16 नमः शिवायै शर्वाण्यै सौभाग्यं संतति शुभाम्। प्रयच्छ भक्तियुक्तानां नारीणां हरवल्लभे॥ मंत्र का जाप करें।
स्टेप-17 चंद्रमा की पूजा कर उन्हें अर्घ्य दें।
स्टेप-18 फिर छलनी की ओट से चंद्रमा को देखें और उसके बाद अपने पति का चेहरा देखें।
स्टेप-19 इसके बाद पति द्वारा पत्नी को पानी पिलाकर व्रत का पारण किया जाता है।
स्टेप- 20 अंत में क्षमा प्रार्थना करें।
स्टेप- 21 घर के सभी बड़ों का आशीर्वाद लेना न भूलें।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियां धार्मिक मान्यताओं पर आधारित हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।