गुवाहाटी पुलिस कमिश्नर डॉ. पार्थ सारथी महंता को ‘केंद्रीय गृहमंत्री दक्षता पदक 2026’ के लिए चुना गया है। ये उन 19 सुपर कॉप में शामिल हैं, जिनके काम को भारत सरकार सम्मानित कर रही है।
पुलिस कमिश्नर डॉ. पार्थ सारथी महंता अपने पुलिस करियर में आतंकवाद-रोधी अभियानों, नशीले पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई और जांच से जुड़े कई बड़े ऑपरेशन में शामिल रहे हैं।
‘सुपर कॉप’ डॉ. महंता के स्पेशल ऑपरेशन
‘सुपर कॉप’ डॉ. महंता असम पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) के इंस्पेक्टर जनरल (IG) भी हैं। इन्होंने मार्च 2023 में इस फोर्स के पुनर्गठन के बाद से संदिग्ध चरमपंथी नेटवर्कों और संगठित नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ कई अभियानों का नेतृत्व किया है।
मार्च 2023 से दिसंबर 2024 के बीच, STF ने चरमपंथी संगठनों से जुड़े होने के संदेह में 21 लोगों को गिरफ्तार किया। इनमें जिहादी समूह, माओवादी, ULFA-I और मणिपुर से सक्रिय विद्रोही गुटों के सदस्य शामिल थे।
गुवाहाटी पुलिस कमिश्नर डॉ. पार्थ सारथी महंता के इस दौरान किए गए प्रमुख अभियानों में से एक था – मार्च 2024 में धुबरी से ISIS के भारत प्रमुख माने जाने वाले हारिस अजमल फारूकी और उसके साथी अनुराग सिंह की गिरफ्तारी।
डॉ. महंता के कार्यकाल में ही STF ने असम में ‘अंसारुल्लाह बांग्ला टीम’ (ABT) नेटवर्क और संदिग्ध ‘स्लीपर सेल’ की गतिविधियों की भी जांच की। नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ फोर्स की सख्त कार्रवाई के चलते भारी मात्रा में प्रतिबंधित सामान जब्त किया गया।
असम STF द्वारा जनवरी 2025 में जारी आंकड़ों के अनुसार, मार्च 2023 से दिसंबर 2024 के बीच 59 किलोग्राम से अधिक हेरोइन, 9.67 लाख साइकोट्रोपिक (नशीली) गोलियां, प्रतिबंधित ‘फेनसेडिल’ कफ सिरप की 37,000 बोतलें, लगभग चार टन गांजा, 37.26 किलोग्राम अफीम और एक किलोग्राम मेथामफेटामाइन जब्त की गई।
डॉ. महंता को यह हालिया सम्मान, 2025 में ‘विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पदक’ (President’s Medal for Distinguished Service) मिलने के एक साल बाद मिला है। इसके बाद, अक्टूबर 2026 में 75वें असम पुलिस दिवस समारोह में उन्हें सम्मानित किया गया था।
इनके कार्यकाल के दौरान, STF ने 254 अभियान चलाए, 41 मामले दर्ज किए और विभिन्न मामलों में कुल 482 लोगों को गिरफ्तार किया। जांचकर्ताओं को संदेह था कि इस नेटवर्क के तार पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स से जुड़े हुए थे।
फिल्म मेकिंग में रुचि
पुलिस महकमे में अपनी जिम्मेदारियों के अलावा, डॉ. महंता ने फिल्म निर्माण और लेखन के क्षेत्र में भी काम किया है। उनके कई प्रोजेक्ट सामाजिक मुद्दों, इतिहास और संरक्षण पर केंद्रित हैं।
- डॉक्यूमेंट्री ‘हरगिला – द ग्रेटर एडजुटेंट स्टॉर्क’ (Hargila – The Greater Adjutant Stork) को 70वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में ‘विशेष उल्लेख’ मिला। यह डॉक्यूमेंट्री पर्यावरणविद् डॉ. पूर्णिमा देवी बर्मन और ‘हरगिला आर्मी’ के सदस्यों द्वारा किए जा रहे संरक्षण प्रयासों पर आधारित है।
- एक और प्रोजेक्ट, एनिमेटेड फिल्म ‘लचित: द वॉरियर’ (Lachit: The Warrior), अहोम जनरल लचित बोरफुकन के जीवन पर आधारित है। इसे अंतरराष्ट्रीय मंचों सहित कई फिल्म समारोहों में प्रदर्शित किया गया है।
- ‘फेहुजली’ (Fehujali) नामक एक डॉक्यू-ड्रामा का निर्देशन भी किया है, जो इस बात की पड़ताल करता है कि कैसे कमजोर युवा विद्रोही गतिविधियों की ओर खिंचे चले आते हैं।
- इसके अलावा, ‘अनसुनी चीखें’ (Ansuni Cheekhein) नाम की एक लघु फिल्म भी बनाई है, जो उनकी अपनी लिखी एक कविता पर आधारित है।
साहित्य में भी दिलचस्पी
साहित्य के क्षेत्र में उनके काम में असमिया और अंग्रेजी भाषा की किताबें और कविता संग्रह शामिल हैं। वे कॉलम भी लिखते हैं और असमिया पत्रिका ‘आईना जीवनोर’ (Aaina Jibonor) के मानद संपादक के रूप में भी काम करते हैं।
जनवरी 2026 में, सिलचर स्थित असम विश्वविद्यालय ने अपने 23वें दीक्षांत समारोह में महंता को मानद ‘डॉक्टर ऑफ लेटर्स’ (D.Litt.) की उपाधि से सम्मानित किया गया। बताया जाता है कि वे भारत के ऐसे पहले सेवारत IPS अधिकारी हैं, जिन्हें यह सम्मान मिला है।