असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने सोमवार को कहा कि चुनाव से पहले उनकी पत्नी पर कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के आरोपों ने लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है, क्योंकि यह असमिया महिला को बदनाम करने की कोशिश थी।
हिमंत ने विधानसभा चुनावों में राजग की जीत के बाद कहा, खेड़ा असमिया महिला को बदनाम करना चाहता था, इसलिए असम के लोगों ने उसे पेड़ा बना दिया है। हो सकता है कि राज्य कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई इसलिए चुनाव हारे, क्योंकि उन्होंने खेड़ा के साथ मंच साझा किया था।
गौरतलब है कि खेड़ा ने नई दिल्ली और गुवाहाटी में दो प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया कि सरमा की पत्नी, रिंकी भुयान शर्मा के पास कई पासपोर्ट और विदेशी कंपनियां हैं, जिनकी जानकारी मुख्यमंत्री के चुनावी हलफनामे में नहीं किया गया था।
मुख्यमंत्री और उनकी पत्नी ने इन आरोपों को खारिज कर दिया था, वहीं रिंकी ने भी खेड़ा के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। कांग्रेस नेता ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट से अग्रिम जमानत ले ली है।
जब हिमंत से पूछा गया कि क्या वे अब खेड़ा के खिलाफ कार्रवाई करेंगे जैसा कि उन्होंने पहले कहा था, तो मुख्यमंत्री ने कहा, जब हिमंत कुछ कहते हैं, तो मैं शायद ही कभी उससे पीछे हटता हूं। उन्होंने संकेत दिया कि कांग्रेस नेता के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।