आउटसोर्स भर्ती विवाद पर हिमाचल CM का बयान, कहा- सरकार को काम करने का अवसर मिलना चाहिए…

मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा है कि प्रदेश में आउटसोर्स भर्ती पर हिमाचल हाई कोर्ट ने कोई रोक नहीं लगाई है, इस पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक हटाई है। कहा, मेरा मानना है कि नीतिगत निर्णय सरकार को ही लेने देने चाहिए, ये सरकार के अधिकार क्षेत्र में आते हैं। अगर उसमें कोई कमी है तो सुधार करें। रोक लगाने के न्यायालय के आदेशों से न सरकार, न प्रदेश और न ही आम जनता का भला होगा।

उल्लेखनीय है कि हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने 16 जून को आउटसोर्स भर्तियों पर रोक लगाने के आदेश जारी किए थे। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि सरकारी विभागों और सार्वजनिक उपक्रमों में कोई भी नियुक्ति भर्ती एवं पदोन्नति नियमों के विपरीत नहीं होगी।

मुख्यमंत्री ने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के क्षेत्रीय केंद्र में विभिन्न परियोजनाओं के उद्घाटन करने के बाद पत्रकारों से बातचीत में कहा कि सरकार प्रदेश के जल, जमीन और अन्य प्राकृतिक संसाधनों से जुड़े मामलों में कोई समझौता नहीं करेगी।

किशाऊ बांध प्रोजेक्ट को लेकर क्या बोले?

किशाऊ बांध परियोजना को लेकर सरकार ने हिमाचल के हित की मजबूती से पैरवी की है। इसके परिणामस्वरूप राज्य को 211 मेगावाट निश्शुल्क बिजली मिलने जा रही है।

कई दौर की बैठकों और बातचीत के बाद हिमाचल को बिना निवेश निश्शुल्क बिजली का अधिकार मिला है। इससे पांच वर्ष में प्रदेश को करीब 600 करोड़ रुपये वार्षिक आय होने का अनुमान है। उन्होंने कहा, पूर्व सरकारों ने कई मामलों में प्रदेश के संसाधनों का उचित मूल्य नहीं लिया।

मेडिकल डिवाइस पार्क जैसी परियोजनाओं में भी प्रदेश के हित के विपरीत शर्तें रखी थीं, जिन्हें वर्तमान सरकार ने स्वीकार नहीं किया।

जलविद्युत परियोजनाओं में रायल्टी बढ़ाने और परियोजनाओं की अवधि पूरी होने के बाद उन्हें राज्य को हस्तांतरित करने की मांग भी केंद्र के समक्ष रखी है। उन्होंने विश्वविद्यालय में फीस बढ़ोतरी पर कहा, इसमें कुछ बढ़ोतरी 10 साल बाद की है। कमी करने पर विचार किया जा सकता है।

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