भारत ही नहीं, यूरोप में भी गर्मी का कहर: ब्रिटेन, फ्रांस और स्पेन में हीटवेव ने तोड़े रिकॉर्ड…

यूरोप में अभी गर्मियों की शुरुआत भी नहीं हुई है, लेकिन इससे पहले ही पारा काफी बढ़ चुका है। यूरोप के कई देशों में तापमान ने दशकों पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।

ब्रिटेन, फ्रांस और स्पेन सहित पश्चिमी यूरोप के बड़े हिस्से इस समय खतरनाक गर्मी से जूझ रहे हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि यह केवल एक मौसम बदलाव नहीं, बल्कि मानव-जनित जलवायु परिवर्तन का स्पष्ट संकेत है।

इसी बीच भारत और पाकिस्तान में भी तापमान सामान्य से कई डिग्री ऊपर पहुंच चुका है। मई महीने में गर्मी ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।

ब्रिटेन में गर्मी का 100 साल पुराना रिकॉर्ड टूटा

ब्रिटेन में सोमवार को लंदन के क्यू गार्डन्स में तापमान 34.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो मई महीने और मौसम विज्ञान के अनुसार वसंत ऋतु का अब तक का सबसे अधिक तापमान था। लेकिन गर्मी का यह रिकॉर्ड सिर्फ एक दिन के लिए नहीं था, बल्कि अगले दिन मंगलवार को तापमान 35.1 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो कि वसंत ऋतु सबसे ज्यादा गर्म दिन बन गया।

ब्रिटेन की मौसम एजेंसी ने इसे ‘इस समय के लिए अभूतपूर्व गर्मी’ बताया है। इससे पहले मई में सबसे ज्यादा तापमान का रिकॉर्ड 32.8 डिग्री सेल्सियस था, जो 1922 और 1944 में दर्ज हुआ था।

लंदन में सार्वजनिक स्विमिंग पूलों और तालाबों के बाहर लंबी कतारें देखने को मिलीं। बड़ी संख्या में लोग बिना एयर कंडीशनिंग वाले घरों और सार्वजनिक परिवहन में उमस और गर्मी से परेशान रहे।

ब्रिटेन की स्वास्थ्य सुरक्षा एजेंसी ने एम्बर हीट हेल्थ अलर्ट जारी किया है। एजेंसी ने चेतावनी दी है कि बुजुर्गों और गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों के लिए यह मौसम बेहद खतरनाक हो सकता है।

फ्रांस में हीटवेव से दो लोगों की मौत

फ्रांस में भी मई के लिए कई जगहों पर रिकॉर्ड तापमान दर्ज हुआ। मौसम विभाग के अनुसार तापमान सामान्य से 13 डिग्री सेल्सियस तक ज्यादा चल रहा है, जिसे ‘असाधारण रूप से जल्दी, तीव्र और लंबे समय तक रहने वाली गर्मी’ बताया गया है।

फ्रांसीसी सरकार के मुताबिक, शनिवार से अब तक दो लोगों की मौत हीटवेव से जुड़ी परिस्थितियों में हुई है। पेरिस में फ्रेंच ओपन टेनिस टूर्नामेंट के दौरान खिलाड़ियों और दर्शकों को तेज गर्मी का सामना करना पड़ा। स्टेडियमों में पानी की फुहारों और कूलिंग स्टेशनों का सहारा लेना पड़ा।

स्पेन में भी गर्मी से बुरा हाल

स्पेन में भी स्थिति चिंताजनक है। स्पेन में जहां जुलाई महीने में गर्मी की शुरुआत होती थी, वहीं मई में ही गर्मी लोगों को परेशान कर रही है। दक्षिण-पश्चिमी हिस्सों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है।

राजधानी मैड्रिड और अन्य शहरों में दोपहर के समय सड़कें और खुले कैफे लगभग खाली दिखाई दिए। स्थानीय लोगों का कहना है कि मौसम का पारंपरिक चक्र तेजी से बदल रहा है। पहले जहां जून तक हल्की ठंडक बनी रहती थी, अब मई में ही भीषण गर्मी महसूस हो रही है।

जर्मनी में पहली बार 30 डिग्री के पार पारा

जर्मनी में इस साल पहली बार शनिवार को तापमान 30 डिग्री सेल्सियस (86°F) के पार पहुंच गया। मौसम विभाग के अनुसार देश के कई हिस्सों में बुधवार तक इससे भी अधिक गर्मी पड़ने की आशंका है।

विशेषज्ञों का कहना है कि जून की शुरुआत से पहले ही इस तरह का तापमान सामान्य नहीं माना जाता। जर्मनी के पश्चिमी और दक्षिणी हिस्सों में लोगों को तेज धूप और गर्म हवाओं का सामना करना पड़ रहा है।

कई शहरों में पार्क, झीलों और खुले स्विमिंग क्षेत्रों में भीड़ बढ़ गई है क्योंकि लोग गर्मी से राहत पाने की हर संभव कोशिश कर रहे हैं। जर्मन मौसम एजेंसियों ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ सकता है, जिससे बुजुर्गों, बच्चों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे लोगों पर अधिक असर पड़ सकता है।

जलवायु परिवर्तन बना गर्मी की बड़ी वजह

जलवायु वैज्ञानिकों की नई रिसर्च के अनुसार यूरोप में इस तरह की असामान्य गर्मी मुख्य रूप से मानव-जनित जलवायु परिवर्तन की वजह से है।

कोयला, तेल और गैस के बड़े पैमाने पर उपयोग से पृथ्वी का औसत तापमान लगातार बढ़ रहा है, जिसके कारण हर साल हीटवेव में तापमान बढ़ता ही जा रहा है।

विशेषज्ञों का कहना है कि यूरोप जैसे क्षेत्र, जहां पारंपरिक रूप से एयर कंडीशनिंग का इस्तेमाल कम होता है, वहां ऐसी गर्मी सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा बनती जा रही है।

भारत में भी गर्मी का प्रकोप

यूरोप की तरह भारत भी इस समय तेज गर्मी और हीटवेव से जूझ रहा है। पिछले दो सप्ताह में उत्तर और मध्य भारत के कई हिस्सों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है।

दिल्ली-NCR में लू का असर

दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और आसपास के इलाकों में दिन का तापमान लगातार 44-46 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है।

तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण दोपहर में सड़कों पर आवाजाही कम हो गई है। मौसम विभाग ने दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए हीटवेव अलर्ट जारी किया है।

राजस्थान और मध्य भारत सबसे ज्यादा प्रभावित

राजस्थान के श्रीगंगानगर, बीकानेर और चूरू जैसे इलाकों में तापमान 47 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया है। मध्य प्रदेश, विदर्भ और बुंदेलखंड क्षेत्र में भी गर्म हवाएं लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई हैं।

बिहार, झारखंड और पूर्वी भारत में उमस

पूर्वी भारत में स्थिति अलग लेकिन उतनी ही कठिन है। बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में ऊंचे तापमान के साथ भारी उमस महसूस की जा रही है। इससे हीट इंडेक्स वास्तविक तापमान से कहीं अधिक महसूस हो रहा है।

मानसून का इंतजार कर रहे लोग

भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून सामान्य गति से आगे बढ़ रहा है। केरल और पूर्वोत्तर भारत में अच्छी बारिश दर्ज की गई है।

अगले कुछ दिनों में मानसून के महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और पूर्वी भारत के अन्य हिस्सों में आगे बढ़ने की संभावना है। हालांकि उत्तर-पश्चिम भारत को राहत मिलने में अभी कुछ समय लग सकता है। तब तक दिल्ली, राजस्थान और हरियाणा में भीषण गर्मी जारी रहने की आशंका है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों की मानें सलाह

विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बढ़ती गर्मी अब केवल असुविधा नहीं, बल्कि गंभीर स्वास्थ्य संकट बनती जा रही है। इससे बचने के लिए जरूरी बातों का ध्यान रखना जरूरी है।

  • दोपहर 12 बजे से 4 बजे के बीच धूप में निकलने से बचें
  • पर्याप्त मात्रा में पानी और इलेक्ट्रोलाइट लें
  • हल्के और सूती कपड़े पहनें
  • बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों का विशेष ध्यान रखें
  • हीट स्ट्रोक के लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सकीय सहायता लें

दुनिया भर में बढ़ती गर्मी ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिए हैं कि जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए वैश्विक स्तर पर कितनी तेजी और गंभीरता से कदम उठाए जा रहे हैं।

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